Karnataka Night Chart Results: सट्टा मटका के अवैध कारोबार पर पुलिस की सख्ती और कानूनी पेंच – पूरी जानकारी
Madhur Satta Matka

'कर्नाटक नाइट चार्ट पैनल' (Karnataka Night Chart Panel) इंटरनेट पर सट्टा मटका (Satta Matka) के नतीजों और आंकड़ों की तलाश करने वालों के बीच एक चर्चित विषय बना हुआ है। हालांकि, यह केवल एक कीवर्ड नहीं, बल्कि अवैध जुए के उस विशाल नेटवर्क का हिस्सा है जिसके खिलाफ कर्नाटक पुलिस और प्रशासन ने अब कमर कस ली है। हाल ही में उडुपी और बेलगावी में हुई पुलिसिया कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि राज्य में 'गेम ऑफ चांस' यानी किस्मत पर आधारित जुए के लिए कोई जगह नहीं है, चाहे वह ऑनलाइन हो या ऑफलाइन।

​क्या है कर्नाटक नाइट चार्ट पैनल?

​सट्टा मटका की दुनिया में 'नाइट चार्ट' उन आंकड़ों (Numbers) की सूची को कहा जाता है जो रात के समय खुलने वाले सट्टा बाजारों के नतीजे दर्शाते हैं। 'पैनल' उस विशेष चार्ट या तालिका को संदर्भित करता है जिसमें ओपनिंग और क्लोजिंग रेट्स लिखे होते हैं। लोग इन चार्ट्स का इस्तेमाल पिछले पैटर्न को समझने और अगला दांव लगाने के लिए करते हैं। डिजिटल युग में, यह पुरानी पर्ची-आधारित प्रणाली अब व्हाट्सएप ग्रुप्स और वेबसाइटों पर 'नाइट चार्ट पैनल' के रूप में फैल चुकी है, जो युवाओं को रातों-रात अमीर बनने का झांसा देकर आर्थिक जाल में फंसा रही है।

​पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई: ताजा अपडेट

​वर्ष 2024 और 2025 के अंत तक कर्नाटक पुलिस ने अवैध सट्टेबाजी के खिलाफ अपनी मुहिम तेज कर दी है।

​उडुपी और बेलगावी में छापेमारी: दिसंबर 2025 और जनवरी 2026 की शुरुआत में, उडुपी और बेलगावी (Belagavi) पुलिस ने कई ठिकानों पर छापेमारी की। इन छापों में मटका किंग और एजेंटों को गिरफ्तार किया गया जो मोबाइल ऐप्स और नकद लेनदेन के जरिए यह धंधा चला रहे थे।

​तकनीक का इस्तेमाल: पुलिस अब केवल मुखबिरों पर निर्भर नहीं है, बल्कि संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधियों और डिजिटल भुगतान (UPI) के जरिए सट्टा चलाने वालों को ट्रैक कर रही है।

​सख्त कानून और सजा का प्रावधान

​कर्नाटक में सट्टा मटका पूरी तरह से गैरकानूनी है। राज्य सरकार ने जुए पर नकेल कसने के लिए कानूनों को और सख्त किया है।

​भारतीय न्याय संहिता (BNS) और कर्नाटक पुलिस एक्ट: पकड़े जाने पर आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और कर्नाटक पुलिस एक्ट की धारा 78 (गेमिंग और जुआ) के तहत मामला दर्ज किया जाता है।

​कानूनी पेंच: हाल ही में कर्नाटक हाई कोर्ट ने कुछ मामलों में पुलिस द्वारा प्रक्रियात्मक चूक (Procedural Lapses) के कारण एफआईआर रद्द की हैं, लेकिन अदालत ने स्पष्ट किया है कि मटका खेलना और खिलाना एक अपराध है। नए कानूनों के तहत पुलिस अब प्रक्रियाओं का पालन करते हुए सख्त चार्जशीट दाखिल कर रही है।

​ऑनलाइन गेमिंग एक्ट 2025 का असर

​भारत सरकार द्वारा लाए गए 'ऑनलाइन गेमिंग विनियमन अधिनियम 2025' (Promotion and Regulation of Online Gaming Act, 2025) ने 'स्किल गेमिंग' (कौशल आधारित खेल) और 'चांस गेमिंग' (किस्मत आधारित जुआ) के बीच लकीर खींच दी है।

​सट्टा मटका और 'नाइट चार्ट' स्पष्ट रूप से 'गेम ऑफ चांस' की श्रेणी में आते हैं, इसलिए इन्हें किसी भी तरह की कानूनी मान्यता नहीं मिली है।

​लाइसेंस प्राप्त गेमिंग ऐप्स के अलावा, किसी भी अन्य प्लेटफॉर्म पर पैसा लगाना आपको कानूनी मुसीबत में डाल सकता है और आपकी जमा पूंजी भी जब्त हो सकती है।