देश की खबरें | कंझावला मामला : दिल्ली की अदालत ने आशुतोष भारद्वाज को जमानत दी

नयी दिल्ली, 17 जनवरी दिल्ली की एक अदालत ने एक युवती की स्कूटी को कार से टक्कर मारने के बाद करीब 12 किलोमीटर तक उसे घसीटने से जुड़े मामले में आरोपी आशुतोष भारद्वाज को मंगलवार को जमानत दे दी।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुशील बाला डागर ने सोमवार को भारद्वाज की जमानत पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था। न्यायाधीश ने मंगलवार को कहा, ‘‘आरोपी को 50,000 रुपये के मुचलके पर जमानत दी जाती है।’’

अदालत ने जमानत के लिए जो शर्तें तय की हैं उसके तहत आरोपी सबूतों से छेड़छाड़ नहीं करेगा, दिल्ली-एनसीआर से बाहर नहीं जाएगा, जरूरत पड़ने पर जांच में शामिल होगा और अपना मोबाइल फोन चालू रखेगा।

न्यायाधीश ने मौखिक टिप्पणी में कहा कि भारद्वाज की भूमिका अपराध होने के बाद शुरू हुई। सोमवार को, अतिरिक्त लोक अभियोजक अतुल श्रीवास्तव ने कहा कि पुलिस मामले में धारा 302 (हत्या) के प्रावधानों को लागू करेगी और एक साजिश के नजरिए से भारद्वाज की गतिविधियों की जांच की जा रही है। हत्या के अपराध में मृत्युदंड या आजीवन कारावास और जुर्माना हो सकता है।

सात आरोपियों में से छह पर शुरू में गैर इरादतन हत्या से संबंधित धारा 304 के तहत मामला दर्ज किया गया था। इस अपराध में जुर्माने के अलावा आजीवन कारावास या किसी एक अवधि के लिए कारावास का प्रावधान है जिसे 10 वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है।

भारद्वाज की ओर से पेश वकील शिल्पेश चौधरी ने दलील दी कि अपराध के बाद वह मामले में शामिल हुआ और अपराध जमानती है। भारद्वाज की जमानत याचिका पिछले सप्ताह एक मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट द्वारा खारिज किए जाने के बाद चौधरी ने सत्र अदालत का रूख किया था।

अंजलि सिंह (20) की स्कूटी को 31 दिसंबर की देर रात को एक कार ने टक्कर मार दी थी, जिसके बाद वह कार में फंस कर सुल्तानपुरी से कंझावला के बीच 12 किलोमीटर से ज्यादा दूरी तक घसीटती चली गई। इस घटना में अंजलि की मौत हो गई थी।

पुलिस ने 2 जनवरी को इस मामले में दीपक खन्ना (26), अमित खन्ना (25), कृष्ण (27), मिथुन (26) और मनोज मित्तल को गिरफ्तार किया था। एक अन्य आरोपी अंकुश ने छह जनवरी को आत्मसमर्पण कर दिया और अगले दिन जमानत पर रिहा हो गया।

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