ताजा खबरें | जनजाति छत्तीसगढ़ चर्चा दो अंतिम लोस

उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली शिवसेना धनखरों को धोखा दे रही है। सुले ने कहा कि शिवसेना ने कल इस समुदाय को आरक्षण देने की बात कही और आज उसके एक सदस्य ने सदन में कहा कि आरक्षण नहीं मिलना चाहिए।

भाजपा के सुनील कुमार सोनी ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लाखों आदिवासी इंतजार कर रहे थे कि इन 12 जातियों को न्याय कब मिलेगा तथा आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयास से उनका सपना पूरा हो रहा है।

नेशनल कॉन्फ्रेंस के हसनैन मसूदी ने कहा कि अलग-अलग के बजाय एक ही विधेयक लाकर पूरे देश में एक साथ जनजातियों को शामिल करने के लिए विधेयक लाना चाहिए।

उन्होंने पूछा कि ऐसा तो नहीं कि राजनीतिक कारणों से अलग-अलग राज्य में विधेयक लाये जा रहे हों?

अन्नाद्रमुक के रवींद्रनाथ ने निजी क्षेत्र में कर्मचारियों का श्रेणी आधारित विवरण रखे जाने की मांग की। उन्होंने आरक्षण के क्रियान्वयन पर ध्यान देने के लिए एक निगरानी समिति बनाने की भी मांग सरकार से की।

कांग्रेस के प्रद्युत बोरदोलोई ने दावा किया कि 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले असम के ओबीसी के छह समुदायों को आदिवासी का दर्जा दिये जाने का भरोसा भाजपा नेताओं ने दिलाया था, लेकिन केंद्र में भाजपा की सरकार आने के बाद इस दिशा में कुछ नहीं हुआ। उन्होंने मांग की कि सरकार इन समुदायों को जनजाति का दर्जा दिलाए।

वहीं, भाजपा की गोमती साय ने कहा कि इस विधेयक के पारित होने से छत्तीसगढ़ के उन समुदायों के जीवन में कितनी खुशहाली आएगी इसकी कल्पना नहीं की जा सकती जो वर्षों से इसका इंतजार कर रहे थे।

कांग्रेस के फ्रांसिस्को सरदिन्हा ने भी धनगड़ समुदाय को एसटी की सूची में शामिल करने की मांग की।

कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ में आदिवासियों को 32 प्रतिशत आरक्षण देने का विधेयक पारित किया, लेकिन राज्यपाल उस पर हस्ताक्षर नहीं किया।

उन्होंने कहा कि राज्य की कांग्रेस सरकार के कार्यों के चलते आदिवासियों के जीवन में तेजी से सुधार हो रहा है।

चौधरी ने कहा कि पश्चिम बंगाल के कुर्मी समुदाय को एसटी का दर्जा दिया जाना चाहिए क्योंकि उनकी मांग बहुत पुरानी है।

शिवसेना के राहुल शेवाले ने कहा कि हमारे पार्टी के प्रमुख महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और राज्य के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस के नेतृत्व में राज्य सरकार धनगड़ समाज के कल्याण के लिये प्रतिबद्ध है और केंद्र सरकार से आग्रह करते हैं कि वह इस समाज को आरक्षण देने के लिये पूरा प्रयास करे।

भाजपा के चुन्नीलाल साहू, निशिकांत दुबे, संतोष पांडे, हीना गावित के अलावा बहुजन समाज पार्टी के मलूक नागर ने भी चर्चा में भाग लिया।

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