जम्मू, 30 अगस्त जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले के प्रसिद्ध भद्रवाह राजमश (राजमा की एक किस्म) और रामबन के सुलाई शहद को भौगोलिक संकेतक (जीआई) का दर्जा मिल गया है।
अधिकारियों ने कहा कि जीआई का दर्जा मिलने के बाद क्षेत्र के इन लोकप्रिय उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने में मदद मिलेगी।
प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) में राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि इस फैसले से जम्मू-कश्मीर के इन उत्पादों को और लोकप्रिय बनाने में मदद मिलेगी।
सिंह ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा है, ‘‘उधमपुर-कठुआ-डोडा लोकसभा क्षेत्र के लिए और उपलब्धियां आ रही हैं। बसोहली पेटिंग के बाद भद्रवाह राजमा और रामबन सुलाई शहद को भौगोलिक संकेतक का दर्जा मिला है।’’
सिंह उधमपुर-कठुआ-डोडा लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधिनत्व करते हैं।
जम्मू के संगठनों ने पिछले साल जम्मू क्षेत्र के विभिन्न जिलों से आठ अलग-अलग पारंपरिक वस्तुओं के लिए जीआई टैग के लिए आवेदन किया था।
कृषि उत्पादन एवं कृषक कल्याण निदेशक (जम्मू) के के शर्मा ने पीटीआई- से कहा, ‘‘डोडा और रामबन जिलों को आज दो भौगोलिक संकेतक मिले। एक भद्रवाह का राजमा है जिससे लाल सेम कहा जाता है। दूसरा शहद है। यह रामबन जिले का सुलाई शहद है। ये चिनाब घाटी के दो महत्वपूर्ण उत्पाद हैं।’’
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