भद्रवाह, 24 जून भारतीय थलसेना के इतिहास में सर्वाधिक अलंकृत सैनिकों में एक नायब सूबेदार चुन्नी लाल को शनिवार को जम्मू कश्मीर के डोडा जिला स्थित उनके पैतृक गांव भर्रा में श्रद्धांजलि अर्पित की गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि 2007 में कुपवाड़ा सेक्टर में घुसपैठ की कोशिश कर रहे भारी हथियारों से लैस आतंकवादियों से लड़ते हुए वीरगति को प्राप्त हुए चुन्नी लाल की याद में राष्ट्रीय राइफल्स की स्थानीय इकाई द्वारा एक पुष्पांजलि समारोह का आयोजन किया गया था।
शहीद चुन्नी लाल पार्क में आयोजित इस कार्यक्रम में डोडा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अब्दुल कयूम और 4-राष्ट्रीय राइफल्स के कमांडिंग अधिकारी कर्नल योगेश चौहान समेत कई अधिकारी शामिल हुए।
जम्मू-कश्मीर लाइट इंफैंटरी की आठवीं बटालियन के नायब सूबेदार चुन्नी लाल एक मात्र सैनिक हैं, जिन्हें सेना पदक, वीर चक्र और अशोक चक्र (मरणोपरांत) से सम्मानित किया गया।
लाल की बेटी आरती ठाकुर (25) ने कहा, ‘‘मुझे अपने पिता और उनकी उपलब्धियों पर गर्व है। वह भारतीय थलसेना के सर्वश्रेष्ठ सैनिक थे और हमेशा रहेंगे।’’
उनके पिता ने कहा, ‘‘मुझे अपने बेटे और उसकी उपलब्धियों पर गर्व है। वह युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।’’
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