देश की खबरें | जम्मू कश्मीर: सुरक्षा बलों ने टीआरएफ का नेटवर्क नष्ट करने के प्रयास तेज किए

नयी दिल्ली, एक मार्च सुरक्षा बलों ने लश्कर-ए-तैयबा से संबद्ध आतंकवादी समूह ‘द रेसिस्टेंस फ्रंट’ (टीआरएफ) के नेटवर्क को नष्ट करने के अपने प्रयास तेज कर दिए हैं। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।

इस समूह ने जम्मू कमीर के पुलवामा में कश्मीरी पंडित संजय कुमार की हत्या का महिमामंडन करने वाला पोस्टर जारी किया था।

अधिकारियों ने बताया कि एजेंसी टीआरएफ के वित्त प्रवाह को रोक रही है और उसके सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है, ताकि जम्मू-कश्मीर में इस नेटवर्क को नष्ट किया जा सके।

पुलवामा जिले में 55 राष्ट्रीय राइफल के एक दल के साथ हुई मुठभेड़ में कुमार की हत्या में शामिल इस नेटवर्क के दो आतंकवादी-आकिब मुश्ताक भट और एजाज अहमद भट मंगलवार को मारे गए। केंद्रशासित प्रदेश में कश्मीरी पंडितों को निशाना बनाकर उनकी हत्या के कई मामले सामने आए है। कुमार अपने समुदाय के उन कुछ लोगों में शामिल था जो 1990 के दशक में आतंकवाद संबंधी हिंसा की शुरुआत के दौरान यहां से गए नहीं थे।

हालांकि ‘कश्मीर फ्रीडम फाइटर्स’ (केएफएफ) ने इस हमले की जिम्मेदारी ली थी, सुरक्षा बलों को टीआरएफ के पोस्टर मिले हैं, जिनमें सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारे गए आतंकवादियों का महिमामंडन किया गया है। सुरक्षा एजेंसी का मानना है कि स्वयं को केएफएफ का सदस्य बताने वाले ये आतंकवादी वास्तव में टीआरएफ के सदस्य थे।

उन्होंने बताया कि टीआरएफ के आतंकवादियों और वित्त पोषकों पर नजर रखने के लिए मानव खुफिया एवं तकनीकी खुफिया संसाधनों समेत सभी संसाधन तैनात किए गए हैं।

अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा बलों ने हथियारों से लैस इन दो आतंकवादियों के पदगामपुर गांव की जामिया मस्जिद में छिपे होने की जानकारी मिलने के बाद मंगलवार देर रात इस इलाके की घेराबंदी कर तलाश अभियान शुरू किया था।

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘ दो स्थानीय आतंकवादियों के एक मस्जिद में छिपे होने के कारण सुरक्षा बलों ने अत्यधिक संयम बरता। हम यह सुनिश्चित करना चाहते थे कि मस्जिद को कोई नुकसान न पहुंचे।’’

उन्होंने बताया कि मुठभेड़ के दौरान 55 राष्ट्रीय राइफल्स के एक जवान को जांघ में गोली लग गई, जिससे उसकी एक मुख्य धमनी को नुकसान पहुंचा। अधिकारी ने बताया कि अत्यधिक खून बह जाने के कारण उसकी जान चली गई।

अधिकारी ने बताया कि एक आतंकवादी की पहचान आकिब मुश्ताक भट के तौर पर हुई है, जो मस्जिद परिसर में मारा गया। दूसरे आतंकवादी की पहचान पुलवामा के पास तराल के निवासी एजाज अहमद भट के तौर पर हुई जो खिड़की से कूदकर मस्जिद के पास एक मकान में छिप गया था।

उन्होंने बताया कि तकनीकी निगरानी तंत्र की मदद से उसका पता लगाया गया और सुरक्षा बलों ने उसे घेर लिया और फिर ढेर कर दिया।

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