देश की खबरें | राजस्‍थान में माली समाज के आंदोलन के कारण जयपुर-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम चौथे दिन भी जारी

जयपुर, 24 अप्रैल सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में पृथक 12 प्रतिशत आरक्षण की मांग को लेकर माली समुदाय के लोगों ने जयपुर-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग को सोमवार को लगातार चौथे दिन अवरुद्ध रखा।

पुलिस ने आज फुले आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक मुरारी लाल सैनी सहित 16 लोगो को रिहा कर दिया। सैनी ने रिहा होने के बाद घटनास्थल पहुंच कर आंदोलन को वापस लेने का सुझाव दिया।

उल्लेखनीय है कि सैनी और अन्य लोगों को आंदोलन से पहले पुलिस ने हिरासत में लिया था। हालांकि, सैनी की रिहाई की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों ने उनकी की बात नहीं मानी।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने जाति आधारित जनगणना को मुख्य जनगणना में शामिल करने की पैरवी की है और प्रधानमंत्री को पत्र लिखा है।

गहलोत ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा "मैं समुदाय से अपील करता हूं कि यह एक बड़ा कदम है, जिसके लिए हमारे नेता राहुल गांधी ने आवाज उठाई है।"

समुदाय सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में अलग से 12 प्रतिशत आरक्षण की मांग कर रहा है।

सैनी ने राजमार्ग खाली करने और राजमार्ग से करीब 500 मीटर दूर धरना जारी रखने का ऐलान किया ताकि सरकार से बातचीत की जा सके। हालांकि, प्रदर्शनकारियों ने उनके फैसले के खिलाफ विद्रोह कर दिया और स्थल से हटने से इनकार कर दिया।

सैनी ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "हम राजमार्ग खाली कर रहे हैं, लेकिन विरोध जारी रहेगा। हम राजमार्ग से 500 मीटर दूर बैठेंगे। एक समिति बनाई जाएगी, जो सरकार के साथ बातचीत करेगी।"

इस पर प्रदर्शनकारियों ने वार्ता के सौहार्दपूर्ण समाधान तक पहुंचने तक राजमार्ग खाली करने से इनकार कर दिया।

बाद में, समुदाय ने सरकार के साथ बातचीत करने के लिए 21 सदस्यीय समिति का गठन किया, लेकिन अधिकारियों ने पहले राजमार्ग को खाली करने के लिए कहा।

भरतपुर जिला कलेक्टर आलोक रंजन ने कहा, "हमने समुदाय के नेताओं के साथ एक समझौता किया है, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया है। प्रदर्शनकारियों ने राजमार्ग को खाली नहीं किया है क्योंकि विरोध स्थल पर उनके नेतृत्व के साथ कुछ विवाद हो गया है और वे अभी तक एक समझौते तक नहीं पहुंचे पाये हैं। हमारा प्रयास है कि वे राजमार्ग को खाली कर दें।“

उन्होंने कहा कि सामने आया है कि उन्होंने एक कमेटी बनाई है लेकिन उनके सामने कुछ नहीं आया।

उल्‍लेखनीय है कि माली समुदाय अन्‍य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के अंतर्गत आता है और गहलोत भी माली समाज से हैं। प्रदर्शनकारी अपने नेता मुरारी लाल सैनी की रिहाई की भी मांग कर रहे थे, जिन्हें विरोध प्रदर्शन से पहले हिरासत में लिया गया था। समुदाय के लोगों ने सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में आरक्षण की मांग को लेकर गत शुक्रवार को जयपुर-भरतपुर राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम करने की घोषणा की थी।

आंदोलन को देखते हुए पुलिस ने राजमार्ग से जुड़े बल्लभगढ़, हलैना, वैर, अरौंदा, रमासपुर गांवों की सड़कों को सुबह से ही अवरुद्ध कर दिया, ताकि आंदोलनकारी राजमार्ग तक न पहुंच सकें। हालांकि, कई लोगों ने हंगामा किया और पुलिस पर पथराव किया और पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले दागने पड़े।

गत शुक्रवार को जयपुर में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के निदेशक हरिमोहन मीना की अध्यक्षता में जयपुर में सैनी, माली और कुशवाह समाज के प्रतिनिधियों के साथ वार्ता हुई थी। इसमें सैनी समाज के प्रतिनिधियों द्वारा 12 प्रतिशत आरक्षण, अलग से लव-कुश कल्याण बोर्ड के गठन, समाज के बच्चों के लिए छात्रावास सुविधा आदि की मांग की गई। मीना ने उन्हें बताया कि उनकी पिछली मांगों में से राज्य सरकार द्वारा दो मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई करते हुए महात्मा ज्योतिबा फूले कल्याण बोर्ड का गठन किया गया और सरकार 19 अप्रैल को महात्मा ज्योतिबा फूले दिवस पर राजकीय अवकाश घोषित कर चुकी है।

मीना ने प्रतिनिधियों को उनकी मांगों से उच्च स्तर को अवगत कराने के लिए आश्वस्त किया। इस समुदाय ने इससे पहले जून, 2022 में भी इसी तरह का विरोध प्रदर्शन किया था, जो प्राधिकारियों के इस आश्वासन के बाद समाप्त हुआ था कि उनकी शिकायतों को सुना जाएगा।

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