चीन के विदेश मंत्रालय ने घोषणा में कहा कि ईरान के विदेश मंत्री जवाद जरीफ अपने चीनी समकक्ष वांग यी के आमंत्रण पर इस यात्रा पर आ रहे हैं।
इस घोषणा के एक दिन पहले ही ट्रंप प्रशासन ने ईरान की अर्थव्यवस्था को निशाना बनाते हुए उसके लगभग सभी वित्तीय क्षेत्रों को काली सूची में डाल दिया था।
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चीन ईरान का सहयोगी और 2015 में हुए ईरान परमाणु समझौते में एक पक्ष रहा है। इस समझौते से अमेरिका ने अपने हाथ खींचते हुए ईरान पर पाबंदियां लगा दी थीं।
बृहस्पतिवार को अमेरिका की काली सूची के दायरे में ईरान के 18 बैंक भी आ गए हैं। ऐसे में इन बैंकों के साथ लेनदेन करने वाले विदेशी, गैर-ईरानी वित्तीय संस्थानों को जुर्माने का सामना करना पड़ेगा।
इन पाबंदियों के चलते ईरानी बैंक अंतरराष्ट्रीय वित्तीय प्रणाली से कट जाएंगे।
यही वजह है कि यूरोपीय देशों ने इन पाबंदियों का विरोध किया है।
जरीफ ने कहा है कि वैश्विक संकट के दौरान अमेरिका का यह कदम ‘‘मानवता के खिलाफ अपराध’’ है।
एपी
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