Nashik MNC S*x Harassment Case: महाराष्ट्र के नासिक से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में चल रहे यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच के लिए सात महिला पुलिसकर्मियों ने अंडरकवर ऑपरेशन चलाया. ये पुलिसकर्मी कंपनी के कर्मचारियों के रूप में अंदर पहुंचीं और एक आंतरिक बैठक में शामिल हुईं, जहां मुख्य आरोपी को महिलाओं के साथ आपत्तिजनक व्यवहार करते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया. Mumbai Shocking News: मुंबई में सनसनीखेज मामला, नाबालिग लड़के को ट्रांसजेंडर बना देह व्यापार में धकेलने का आरोप, 2 गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार यह मामला पिछले करीब चार वर्षों से जुड़ा हुआ है और इसमें 18 से 25 वर्ष की कई महिला कर्मचारियों ने गंभीर आरोप लगाए हैं. इस मामले में अब तक छह मुख्य आरोपियों के खिलाफ नौ प्राथमिकी दर्ज की गई हैं. इनमें दानिश शेख, तौसीफ अत्तर, निदा खान, रजा मेमन, शाहरुख कुरैशी, शफी शेख और आसिफ अंसारी के नाम शामिल हैं. इसके अलावा कंपनी की एक मानव संसाधन अधिकारी को भी शिकायतों पर कार्रवाई न करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है.
जांच के दौरान पुलिस 40 से अधिक सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है ताकि मजबूत सबूत जुटाए जा सकें. अधिकारियों का कहना है कि पीड़िताओं द्वारा कई बार शिकायत करने के बावजूद वरिष्ठ अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की, जिससे आरोपियों का मनोबल बढ़ता गया.
क्या हैं आरोप
एफआईआर में यौन उत्पीड़न, मानसिक प्रताड़ना, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और जबरन संबंध बनाने जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं. आरोप है कि कुछ मामलों में शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाए गए, जबकि कई पीड़िताओं ने जबरन धार्मिक गतिविधियों के लिए दबाव बनाने की भी बात कही है.
अलग-अलग मामलों में आरोपियों पर अश्लील टिप्पणियां करने, गलत तरीके से छूने, पीछा करने, जबरन नजदीकी बढ़ाने और कार्यस्थल का माहौल खराब करने जैसे आरोप लगे हैं. कुछ पीड़िताओं ने यह भी आरोप लगाया है कि उन्हें जबरन धार्मिक प्रथाएं अपनाने और उनकी मान्यताओं का अपमान करने के लिए मजबूर किया गया.
आगे क्या
पुलिस ने अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर पुलिस हिरासत में लिया है, जबकि एक आरोपी न्यायिक हिरासत में है. मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच दल का गठन किया गया है, जो पूरे मामले की गहराई से जांच कर रहा है.
पुलिस आयुक्त के निर्देश पर गठित इस टीम का नेतृत्व अपराध शाखा के सहायक पुलिस आयुक्त कर रहे हैं. जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या यह मामला किसी बड़े संगठित नेटवर्क से जुड़ा हुआ है.
पुलिस ने अन्य संभावित पीड़िताओं से भी आगे आने की अपील की है और भरोसा दिलाया है कि उनकी पहचान गोपनीय रखी जाएगी और उन्हें हर संभव सहायता दी जाएगी.













QuickLY