युवराज मोहम्मद के साथ बैठे ईरान के शीर्ष राजनयिक हुसैन अमीराब्दुल्लाहियन की तस्वीरें सामने आयीं। यह कुछ ऐसा था, जो कुछ महीने पहले तक दोनों देशों के बीच तनाव के चलते अकल्पनीय था। यहां तक कि युवराज मोहम्मद ने 2017 में एक समय ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनी की तुलना एडोल्फ हिटलर से भी कर दी थी।
हालांकि, मार्च में चीन की मध्यस्थता वाले समझौते के बाद से, ईरान और सऊदी अरब एक-दूसरे के देशों में राजनयिक मिशन फिर से खोलने की दिशा में आगे बढ़े हैं।
सऊदी अरब के शाह सलमान ने खामेनी के कट्टर समर्थक ईरानी राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी को भी सऊदी अरब की यात्रा करने के लिए आमंत्रित किया है।
हालांकि, चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं, विशेषकर ईरान के बढ़ते परमाणु कार्यक्रम, यमन में सऊदी अरब के नेतृत्व वाले युद्ध और क्षेत्र के जलमार्गों की सुरक्षा को लेकर।
सऊदी अरब के सरकारी टेलीविजन चैनल ने लाल सागर के बंदरगाह शहर जेद्दा में अमीराब्दुल्लाहियन के साथ बैठे युवराज मोहम्मद की तस्वीरें प्रसारित कीं।
सरकारी प्रेस एजेंसी ने उनकी बातचीत के कुछ ठोस विवरण पेश किए और कहा कि उन्होंने संबंधों और "सहयोग के भविष्य के अवसरों" की समीक्षा की।
अमीराब्दुल्लाहियन ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स (पूर्व में ट्विटर)’ पर किये एक पोस्ट में कहा कि दोनों ने जेद्दा में 90 मिनट तक बातचीत की। उन्होंने लिखा, ‘‘पड़ोसी नीति पर आधारित ईमानदार, खुली, उपयोगी और सार्थक बातचीत हई। दोनों देशों के प्रमुखों की इच्छा से, सभी क्षेत्रों में स्थायी द्विपक्षीय संबंध कायम हैं। हम क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास पर सहमत हैं।’’
अमीराब्दुल्लाहियन अपने समकक्ष युवराज फैसल बिन फरहान के साथ बैठक के लिए बृहस्पतिवार को सऊदी अरब की राजधानी रियाद पहुंचे।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)










QuickLY