कोझिकोड (केरल), 26 जून केरल पुलिस की सतर्कता शाखा ने केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के अध्यक्ष के. सुधाकरन के खिलाफ उनके पूर्व चालक द्वारा दो साल पहले दर्ज कराई गई रिश्वतखोरी और धन के दुरुपयोग की शिकायत के मामले में जांच तेज कर दी है।
सतर्कता और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (वीएसीबी) ने जांच के तहत सुधाकरन की पत्नी के आय के स्रोतों की जानकारी मांगी है।
वीएसीबी की कोझिकोड इकाई ने 15 जून के नोटिस में उस स्कूल के अधिकारियों से स्मिता सुधाकरन की सेवा और वेतन संबंधी ब्योरा मांगा है, जहां वह काम कर रही थीं।
सतर्कता ब्यूरो ने 2001 से लेकर एक विशेष अवधि के लिए महंगाई भत्ता समेत वेतन और अन्य विवरण मांगा है।
सुधाकरन के पूर्व चालक प्रशांत बाबू द्वारा 2021 में दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, कांग्रेस की केरल इकाई के अध्यक्ष ने कांग्रेस के दिग्गज नेता और केरल के पूर्व मुख्यमंत्री के. करुणाकरण का एक स्मारक बनाने के लिए उनके नाम के एक ट्रस्ट को मिले धन से कथित रूप से 32 करोड़ रुपये निकाले। हालांकि, यह स्मारक कभी बना ही नहीं।
शिकायत में यह भी आरोप है कि केपीसीसी अध्यक्ष ने कन्नूर जिला कांग्रेस कमेटी के कार्यालय के निर्माण के लिए जमा धन का भी दुरुपयोग किया।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से मिलने दिल्ली पहुंचे सुधाकरन ने वहां संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि वाम मोर्चा सरकार ने उनके वित्तीय स्रोतों की जांच शुरू कर दी है।
सुधाकरन ने कहा, ‘‘उन्होंने उस स्कूल के प्राचार्य को नोटिस भेजा है, जहां मेरी पत्नी काम कर रही थीं। उन्हें जांच करने दें। मेरे पास छिपाने को कुछ नहीं है।’’
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