देश की खबरें | दिल्ली में छह बड़े निर्माण स्थलों पर प्रदूषण नियमों के उल्लंघन को लेकर कार्य रोकने के निर्देश जारी
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, सात अक्टूबर दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने बुधवार को कहा कि शहर में छह बड़े निर्माण स्थलों और ढांचा गिराने वाले स्थलों तथा 11 रेडीमिक्स कंक्रीट संयंत्रों पर प्रदूषण नियमों के उल्लंघन के लिए कार्य रोकने के निर्देश जारी किये गए हैं।

राय ने कहा कि 20,000 वर्ग मीटर से बड़े निर्माण एवं ढांचा गिराने वाले स्थलों पर ‘एंटी-स्मॉग गन’ लगाना अनिवार्य है।

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राय ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘39 ऐसे स्थल हैं जिनका निर्मित क्षेत्र 20,000 वर्ग मीटर है। इनमें से छह में ‘एंटी-स्मॉग गन’ नहीं लगी हैं और उन्हें कार्य रोकने को कहा गया है।’’

इनमें नेशनल बिल्डिंग्स कंस्ट्रक्शन कार्पोरेशन के ढांचा गिराने वाले स्थल-जीपीआरए नेताजी नगर और जीपीआरए सरोजिनी नगर, फिक्की ऑडिटोरियम, केंद्रीय लोक निर्माण विभाग का कस्तूरबा नगर स्थित ढांचा गिराने का स्थल, सीआरपीएफ मुख्यालय (सीजीओ कॉम्प्लेक्स) और जीपीआरए त्यागराज नगर के निर्माण स्थल शामिल हैं।

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राय ने कहा, ‘‘मैं यह पता लगाने के लिए शुक्रवार को इन स्थलों का दौरा करूंगा इन्होंने ‘एंटी-स्मॉग गन’ क्यों नहीं लगायी हैं।’’

सरकार ने धूल प्रदूषण रोकने के लिए उपाय नहीं करने के लिए 31 रेडीमिक्स कंक्रीट संयंत्रों पर 20,000 रुपये से लेकर पांच लाख रुपये तक का जुर्माना भी लगाया है।

मंत्री ने कहा कि इनमें से ग्यारह संयंत्रों पर उल्लंघन ‘‘गंभीर प्रकृति’’ के थे और उन्हें काम रोकने के लिए कहा गया है।

उन्होंने कहा कि पर्यावरण विभाग ने प्रदूषण मानकों के उल्लंघन की जांच के लिए 14 निरीक्षण दल बनाए हैं।

राय ने निर्माण और निर्माण गिराने वाले स्थलों और रेडीमिक्स कंक्रीट संयंत्रों में धूल प्रदूषण की रोकथाम के लिए दिशानिर्देशों के सख्त अनुपालन का भी आह्वान किया।

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