नयी दिल्ली, 24 नवंबर देश में बड़ी संख्या में सगठनों का मानना है कि ‘नवोन्मेष’ उनके प्रदर्शन और लचीलेपन के लिए काफी अहम है। माइक्रोसॉफ्ट-आईडीसी के अध्ययन में इनमें से कई ने माना कि कोविड-19 महामारी के जवाब में उन्होंने अपने डिजिटलीकरण की रफ्तार को तेज किया है।
अध्ययन रपट के मुताबिक सर्वेक्षण में एक धड़े ने माना कि कोविड-19 संकट के बाद उत्पाद और सेवाओं में नवोन्मेष भी पहले की तुलना में आसान हुआ है।
माइक्रोसॉफ्ट-इंडिया डेवलपमेंट सेंटर (आईडीसी) ने यह अध्ययन एशिया-प्रशांत क्षेत्र में दो चरण में किया। इसका पहला चरण दिसंबर 2019 से जनवरी 2020 और दूसरा चरण जुलाई 2020 रहा।
भारत में 439 कारोबारी और 438 श्रमिकों के बीच यह सर्वेक्षण किया गया।
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रपट में कहा गया है कि भारत में 77 इकाइयों ने माना कि बाजार चुनौतियों और अवसरों पर त्वरित प्रतिक्रिया करने के लिए नवोन्मेष अब उनके लिए अनिवार्य हो गया है। यह कारोबार में लचीलेपन को सुनिश्चित करता है।
अध्ययन के मुताबिक छह महीने की अल्पावधि में ही देश के कई संगठनों की नवोन्मेष की क्षमता में चार प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है। सर्वेक्षण में शामिल 78 प्रतिशत इकाइयों ने कहा कि उन्होंने अपनी डिजिटलीकरण की प्रक्रिया को तेज किया है।
वहीं 64 प्रतिशत का मानना है कि कोविड के बाद नवोन्मेष करना पहले की तुलना में आसान हुआ है जबकि भारत में ऐसा मानने वाली इकाइयों का प्रतिशत 32.5 प्रतिशत है।
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