नयी दिल्ली, 21 सितंबर यहां दिल्ली आर्ट गैलरी (डीएजी) में चल रही एक प्रदर्शनी में अज्ञात भारतीय चित्रकारों द्वारा बनाए गए भारतीय पक्षियों के चित्रों के संग्रह को प्रदर्शित किया जा रहा है।
इन चित्रों के संग्रह को 18वीं सदी के अंत और 19वीं सदी की शुरुआत में ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा जारी किया गया था । डीएजी में प्रदर्शनी और प्रकाशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष जाइल्स टिलोटसन द्वारा प्रस्तुत की गयी, ‘‘बर्ड्स ऑफ इंडिया: कंपनी पेंटिंग्स (1800 से 1835)’’ शीर्षक वाली प्रदर्शनी में विभिन्न प्रकार के पक्षियों की 125 पेंटिंग प्रदर्शित की गयी हैं।
प्रदर्शनी में दिखाए गए कुछ पक्षी बहुत जाने पहचाने हैं जबकि कई अब दुर्लभ हो चुके हैं।
इस प्रदर्शनी के चित्रों में यूरोपीय कला के परिशोधन और युक्तिकरण के साथ मुगल शिल्पकला-प्रशिक्षित कलाकारों की दुर्लभ और असाधारण प्रतिभा वाली भारतीय कला को दर्शाया गया है। यह चित्रकला भारतीय उपमहाद्वीप के लिए एक अनूठी शैली है ।
टिलोटसन ने कहा, “ इनमें से सभी चित्र कलकत्ता में 1800 से 1835 के बीच बनाए गए, केवल दो ही चित्र संभवत: लखनऊ में 1780 में बनाए गए।“
इस चित्रकला प्रदर्शनी से भारत के पक्षीविज्ञान के इतिहास के बारे में जानकारी मिलती है।
टिलोटसन ने पीटीआई- से कहा, ‘‘ प्रदर्शनी के चित्रों में दिखाए गए अधिकांश पक्षियों को हाल ही में अंग्रेजी नाम दिया गया था। वास्तव में उनके लैटिन नाम अभी भी तय किए जा रहे थे। यह सभी चित्र बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी के गठन और पक्षी विज्ञानी एवं प्रकृतिवादी सालीम अली जैसे लोगों के लिए प्रेरणा साबित हुए और उनका मार्ग प्रशस्त हुआ।
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