इंदौर (मध्यप्रदेश), 16 जून पान मसाला और तम्बाकू उत्पादों के अवैध निर्माण, आपूर्ति और बिक्री के जरिये लगभग 225 करोड़ रुपये का माल एवं सेवा कर (जीएसटी) चुराने के मामले में शामिल होने के आरोप में इंदौर के एक उद्योगपति को गिरफ्तार किया गया है।
इस मामले में एक पाकिस्तानी नागरिक समेत चार लोगों को पहले ही पकड़ा जा चुका है।
‘गुड्स एंड सर्विस टैक्स इंटेलिजेंस’ महानिदेशालय (डीजीजीआई) के सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि बड़े पैमाने पर कर चोरी के खुलासे से जुड़े "ऑपरेशन कर्क" के तहत स्थानीय उद्योगपति किशोर वाधवानी को कल सोमवार को मुंबई के एक होटल से गिरफ्तार किया गया।
सूत्रों ने बताया कि मुंबई की एक अदालत ने वाधवानी को ट्रांजिट हिरासत में इंदौर भेजकर एक स्थानीय अदालत के सामने पेश करने का आदेश दिया है।
डीजीजीआई और राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई) के अधिकारियों ने हाल ही में इंदौर और उज्जैन में कई ठिकानों पर छापेमारी में पान मसाला और तम्बाकू उत्पादों के अवैध निर्माण, आपूर्ति और बिक्री के जरिये जीएसटी चोरी का खुलासा किया था।
डीजीजीआई सूत्रों के मुताबिक शुरूआती जांच के आधार पर अनुमान लगाया गया है कि आरोपियों और उनके सहयोगियों ने पान मसाला और तम्बाकू उत्पादों पर लगभग 225 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी की। हालांकि, विस्तृत जांच में कर चोरी के आंकड़े के बढ़कर 400 करोड़ रुपये तक पहुंचने का संदेह है।
सूत्रों ने बताया कि मामले में पाकिस्तानी पासपोर्टधारी संजय माटा (33) को दो जून को गिरफ्तार किया गया था। माटा मूलतः पकिस्तान से ताल्लुक रखता है और उसने लम्बे समय से अपने परिवार के साथ इंदौर में शरण ले रखी है। माटा से पूछताछ में मिले सुरागों के आधार पर 12 जून को तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था।
मामले में विस्तृत जांच जारी है।
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