गांधीनगर, 22 सितंबर गुजरात विधानसभा ने मंगलवार को औद्योगिक विवाद (गुजरात संशोधन) विधेयक को मंजूरी दे दी।
इसके तहत किसी औद्योगिक इकाई में कर्मचारियों को निकाले जाने, छंटनी या इकाई को
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बंद करने के संबंध में राज्य सरकार की अनुमति लेने की आवश्यकता उन्हीं इकाइयों में होगी जहां कर्मचारियों की संख्या 300 अथवा इससे अधिक होगी।
इससे पहले 100 अथवा इससे अधिक कर्मचारियों की संख्या वाली औद्योगिकी इकाइयों को इस तरह का कदम उठाने के लिये राज्य सरकार की अनुमति लेने का नियम था।
विधेयक को विधानसभा में पेश करते हुए श्रम मंत्री दिलीप ठाकुर ने कहा कि केंद्रीय कानून में इस प्रकार का संशोधन मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश और कांग्रेस शासित राजस्थान ने भी किये हैं।
यह विधेयक अध्यादेश का स्थान लेगा। सरकार ने संशोधन को लागू करने के लिये जुलाई में अध्यादेश जारी किया था।
विधेयक के अनुसार इस प्रावधान से नियोक्ता अधिक संख्या में कर्मचारियों को रख सकेंगे।
इसमें यह भी प्रावधान है कि 300 से अधिक कर्मचारी वाली इकाइयों में अगर कर्मचारियों की छंटनी की जाती है, उन्हें कानून के तहत अन्य क्षतिपूर्ति के अलावा कम-से-कम तीन महीने का औसत वेतन मिलेगा।
ठाकुर ने कहा कि कानून में इस संशोधन के बाद राज्य में निवेश बढ़ेगा, अधिक उद्योग लगेंगे और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
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