नयी दिल्ली, 10 जून देश की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी कंपनी इंडियन आयल कार्पोरेशन (आईओसी) ने बुधवार को बताया कि उसकी रिफाइनरियों में अब उनकी स्थापित क्षमता के 83 प्रतिशत तक उत्पादन होने लगा है। कोरोना वायरस के कारण लागू लॉकडाउन में ढील दिये जाने के बाद से ईंधन की मांग बढ़कर
रीब करीब दोगुनी हो गई है।
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सार्वजनिक क्षेत्र की इस तेल कंपनी ने इससे पहले मार्च में अपनी उत्पादन क्षमता को कम करके क्षमता के 25 से 30 प्रतिशत के दायरे में ला दिया था। तब लॉकडाउन के चलते बाजार में पेट्रोलियम पदार्थों की मांग काफी घट गई थी। कंपनी ने मई माह से उत्पादन बढ़ाने की शुरुआत की जब लॉकडाउन में कुछ ढील दी गई।
कंपनी ने एक वक्तव्य में कहा है, ‘‘आईओसी की रिफाइनरियों का कच्चा तेल का इस्तेमाल आज की तिथि के मुताबिक 80 प्रतिशत को पार कर चुका है। करीब करीब सभी पेट्रोलियम उत्पादों की खपत अप्रैल 2020 के मुकाबले मई 2020 में बढ़कर दोगुनी हो गई है।’’
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कंपनी ने कहा है कि उसकी देशभर में स्थित नौ रिफाइनरियों में कच्चे तेल का प्रसंस्करण के लिये इस्तेमाल धीरे धीरे बढ़ता हुआ मई की शरुआत में जहां 55 प्रतिशत पर था वहीं यह मई की समाप्ति पर करीब 78 प्रतिशत और आज की तिथि में 83 प्रतिशत तक पहुंच गया था।
उल्लेखनीय है कि इस साल अप्रैल 2020 की शुरुआत में लॉकडाउन के समय इंडियन आयल की रिफाइनरी क्षमता का इस्तेमाल तेजी से गिरता हुआ 39 प्रतिशत रह गया था। बहरहाल, मई माह में जहां सभी पेट्रोलियम उत्पादों की की खपत करीब करीब दोगुनी हुई है वहीं पेट्रोल की खपत 70 प्रतिशत बढ़ गई जबकि डीजल की खपत में 59 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
देश में 25 मार्च 2020 को दुनिया का सबसे बड़ा लॉकडाउन लागू किया गया था। कोरोना वायरस महामारी के प्रसार पर अंकुश लगाने के लिये सभी तरह की गतिविधियों को एकदम रोक दिया गया था। केवल जरूरी सेवाओं को भी खुला रखा गया। सड़कों से वाहन पूरी तरह नदारद हो गये थे।
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