जरुरी जानकारी | भारत, अमेरिका ‘बड़ा’ सोच रहे, लघु व्यापार समझौता या मुक्त व्यापार समझौता अब प्रासंगिक नहीं: गोयल
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि मोदी सरकार और बाइडन प्रशासन अपने व्यापार एवं वाणिज्य रिश्तों को लेकर ‘‘बड़ा’’ सोच रहे हैं। उन्होंने लघु व्यापार समझौते या मुक्त व्यापार समझौते की बातों को खारिज करते हुए कहा कि नई दिल्ली के लिए ‘सामान्यीकृत वरीयता प्रणाली (जीएसपी)’ की बहाली प्राथमिकता नहीं है।
वॉशिंगटन, 12 जनवरी केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि मोदी सरकार और बाइडन प्रशासन अपने व्यापार एवं वाणिज्य रिश्तों को लेकर ‘‘बड़ा’’ सोच रहे हैं। उन्होंने लघु व्यापार समझौते या मुक्त व्यापार समझौते की बातों को खारिज करते हुए कहा कि नई दिल्ली के लिए ‘सामान्यीकृत वरीयता प्रणाली (जीएसपी)’ की बहाली प्राथमिकता नहीं है।
अमेरिका के पूर्ववर्ती ट्रंप प्रशासन ने भारत से जीएसपी को रद्द कर दिया था। इस प्रणाली के तहत पात्र विकासशील देश अमेरिका को वस्तुओं का शुल्क मुक्त निर्यात कर सकते हैं।
पीयूष गोयल ने ‘भारत-अमेरिका व्यापार नीति फोरम’ की बैठक के समापन पर आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘मुझे लगता है कि जीएसपी के संदर्भ में, मैंने भारतीय उद्योग से कोई विशेष मांग नहीं सुनी है। हालांकि इस मुद्दे को मैंने आज अपने समकक्षों के समक्ष उठाया था।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यह एक ऐसा मुद्दा है जिस पर कांग्रेस को कोई निर्णय लेना होगा। हालांकि हमारी प्राथमिकता सूची में यह बहुत ज्यादा मायने नहीं रखता है, यह एक ऐसा विषय नहीं है जिस पर चर्चा करने में हम बहुत ज्यादा समय लगाएं। हमने यह अनुरोध कर दिया है कि जीएसपी को बहाल किया जाना चाहिए। लेकिन मैं आपको भरोसा दिलाना चाहता हूं कि दोनों देशों के बीच व्यापार बहुत तेजी से बढ़ रहा है। मुझे नहीं लगता कि जीएसपी को हटाने का हमारे बढ़ते व्यापार संबंधों पर असर पड़ेगा।’’
लघु व्यापार समझौते के बारे में एक सवाल के जवाब में केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘हम अमेरिका के साथ अपने व्यापार में बहुत, बहुत बड़ी महत्वाकांक्षाओं को लेकर चल रहे हैं।’’
गोयल ने कहा कि मुक्त व्यापार समझौते पर विचार नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘इसके बजाए हम बाजार में अधिक पहुंच पर ध्यान दे रहे हैं, दोनों देशों के बीच कारोबारी सुगमता पर ध्यान दे रहे हैं। इसलिए छोटे, लघु व्यापार समझौते आज प्रासंगिकता खो चुके हैं।’’
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(The above story first appeared on LatestLY on Jan 12, 2023 11:18 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

