संयुक्त राष्ट्र, 12 सितंबर भारत समेत 169 देशों ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में कोविड-19 से संबंधित प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया है। यह प्रस्ताव ‘‘दुनिया की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक’’ कोरोना वायरस पर अंतरराष्ट्रीय सहयोग की पुन: पुष्टि करता है और महामारी से निपटने में विश्व स्वास्थ्य संगठन की ‘‘महत्वपूर्ण नेतृत्वकारी भूमिका’’ को स्वीकार करता है।
अमेरिका ने इस प्रस्ताव का विरोध किया है।
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कोविड-19 पर व्यापक एवं समन्वित प्रतिक्रिया से संबंधित इस बहुप्रयोजन प्रस्ताव को शुक्रवार को 193 सदस्यीय महासभा ने आम सहमति के साथ स्वीकार किया। 169 देशों ने प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया है।
इस प्रस्ताव में कोविड-19 महामारी को ‘‘संयुक्त राष्ट्र के इतिहास में सबसे बड़ी वैश्विक चुनौतियों में से एक’’ बताया गया है।
अमेरिका और इजराइल ने प्रस्ताव के खिलाफ मतदान किया जबकि यूक्रेन और हंगरी ने मतदान से दूरी बनाए रखी।
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी उप प्रतिनिधि के.नागराज नायडु ने ट्वीट किया, ‘‘भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में कोविड-19 से संबंधित बहुप्रयोजन प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया। इस प्रस्ताव में महामारी को सबसे बड़ी वैश्विक चुनौतियों में से एक माना गया है और समन्वय तथा एकजुटता के साथ एवं बहु पक्षीय सहयोग बनाये रखते हुये वैश्विक प्रतिक्रिया का आह्वान किया गया है।’’
यह प्रस्ताव कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं है।
महासभा के अध्यक्ष तिजानी मुहम्मद बंदे ने कहा कि बहुप्रयोजन प्रस्ताव ‘‘इस अभूतपूर्व चुनौती से निपटने के लिए सदस्य राष्ट्रों की सामूहिक इच्छाशक्ति को दिखाता है।’’
प्रस्ताव में सदस्य राष्ट्रों से अपील की गई है कि वे यह सुनिश्चित करें कि सभी देशों को निर्बाध, सुरक्षित, प्रभावी और वहनयोग्य निदान, उपचार, दवाएं और टीके समय पर उपलब्ध हो सके, साथ ही कोविड-19 से निपटने के लिए आवश्यक स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी भी मिल सके।
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