दारेसलाम, आठ जुलाई विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शनिवार को तंजानिया के साथ संबंधों को मजबूत करने की भारत की प्रतिबद्धता की पुष्टि की और व्यापार सहित विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा देने का मार्ग प्रशस्त करने के लिए यहां अपने समकक्ष के साथ बातचीत की।
जयशंकर ने भारत-तंजानिया संयुक्त आयोग की 10वीं बैठक में तंजानिया के विदेश मामलों और पूर्वी अफ्रीकी सहयोग मंत्री डॉ. स्टरगोमेना टैक्स से मुलाकात की।
उन्होंने बैठक में अपनी शुरुआती टिप्पणी में कहा, "हमारे लिए, तंजानिया अफ्रीका में चौथा सबसे बड़ा व्यापार भागीदार है। यह महाद्वीप में सबसे बड़ा विकास भागीदार है, और मुझे वास्तव में खुशी है कि वर्तमान गति अब बढ़ते सहयोग में विकसित हो रही है, तथा मैं तंजानिया के साथ हमारे संबंधों को मजबूत और गहरा करने के लिए भारत की प्रतिबद्धता की पुष्टि करना चाहूंगा।"
द्विपक्षीय प्रतिबद्धताओं पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने कोविड-19 की चुनौतियों और दुनिया के अन्य हिस्सों में संघर्षों के कारण उत्पन्न व्यवधानों के बावजूद राजनीतिक सहयोग में वृद्धि एवं व्यापार क्षेत्र में विस्तार देखा है।
विदेश मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान में उनके हवाले से कहा गया, "हमने अपने द्विपक्षीय व्यापार को नए स्तर पर देखा है। हमारे आंकड़े वास्तव में बताते हैं कि यह अब 6.4 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक है। तंजानिया में हमारा निवेश भी बढ़ रहा है।"
उन्होंने कहा, "मैं हमारे व्यापारिक समुदायों को अपनी गतिविधियों का विस्तार करने के लिए एक सकारात्मक, सक्षम वातावरण बनाने के लिए तंजानिया सरकार को धन्यवाद देना चाहता हूं।"
जयशंकर ने कहा कि भारत आज दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक है और तंजानिया निश्चित रूप से अफ्रीका में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है, तथा दोनों छोर पर यह त्वरित विकास निश्चित रूप से व्यवसायों के लिए अधिक अवसर पैदा करेगा।
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