नयी दिल्ली, आठ दिसंबर रक्षा सचिव अजय कुमार ने मंगलवार को स्थानीय तौर पर 5जी प्रौद्योगिकी के विकास में भारतीय कंपनियों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने यह भी कहा कि जब 6जी प्रौद्योगिकी पेश की जाएगी, भारत की उसमें महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
उन्होंने सभी प्रौद्योगिकी कंपनियों को रक्षा प्रौद्योगिकी के विकास में भागीदारी निभाने का निमंत्रण दिया।
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इंडिया मोबाइल कांग्रेस, 2020 में कुमार ने कहा, ‘‘राष्ट्र के नजरिये से, आज महत्वपूर्ण बात यह है कि भारत 5जी प्रौद्योगिकियों में अपनी खुद की प्रौद्योगिकी बना रहा है और हो सकता है 6जी आने तक, भारत संचार के लिये जरूरी प्रौद्योगिकी क्षेत्र में महत्वपूर्ण देश बन जाये।’’
कुछ देश पहले ही, 6जी प्रौद्योगिकी पर काम शुरू कर चुके हैं।
रिलायंस जियो ने पूर्व में घोषणा की थी कि वह 5जी प्रौद्योगिकी विकास कर रही है। इसका उपयोग वह भारत में सेवाओं के लिये करेगी। साथ ही उपकरण का निर्यात भी करेगी।
कुमार ने कहा, ‘‘पहली बार, भारत 5जी के लिये अपनी प्रौद्योगिकी विकसित कर रहा है। मुझे इस बात पर गर्व है कि कई भारतीय कंपनियों ने कल-पुर्जे बनाये हैं, यह 5जी परिवेश के लिये प्रौद्योगिकी के जरूरी उपकरणों का करीब 10 से 20 प्रतिशत होगा। हाल में मैंने सुना कि जियो भी 5जी प्रौद्योगिकी में आ रही है... मैं इन सभी का स्वागत करता हूं।’’
सरकार ने स्थानीय स्तर पर दूरसंचार उपकरणों के विनिर्माण के लिये 12,195 करोड़ रुपये के प्रोत्साहन की भी घोषणा की है।
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