देश की खबरें | आयकर विभाग ने बेनामी संपत्ति मामले में मुख्तार अंसारी के कथित सहयोगी से की पूछताछ

लखनऊ, 22 जून आयकर विभाग गैंगस्टर-राजनेता मुख्तार अंसारी के एक कथित सहयोगी से बेनामी संपत्ति के मामले में पूर्व विधायक के खिलाफ चल रही जांच के सिलसिले में पूछताछ कर रहा है।

आधिकारिक सूत्रों ने बृहस्पतिवार को बताया कि यहां स्थित आयकर विभाग की बेनामी संपत्ति रोधी इकाई गणेश दत्त मिश्रा का बयान दर्ज कर रही है। उत्तर प्रदेश पुलिस ने उसे गाजीपुर से पकड़कर कर आयकर अधिकारियों को सौंपा था। करीब 56 वर्षीय मिश्रा को 20 जून को आयकर विभाग के निर्देश पर गाज़ीपुर पुलिस ने हिरासत में लिया था।

सूत्रों के मुताबिक आयकर विभाग अंसारी की कथित बेनामी संपत्ति के संबंध में मिश्रा का बयान दर्ज करेगा और उसके बाद उसे जाने की अनुमति देगा।

लखनऊ में विभाग की बेनामी संपत्ति जांच इकाई ने बेनामी लेनदेन (निषेध) संशोधन अधिनियम के प्रावधानों के तहत अप्रैल में एक अनंतिम आदेश जारी होने के बाद, गाजीपुर जिले में 'सदर तहसील के अंतर्गत मौजा कपूरपुर एनजेडए' में स्थित लगभग 12 करोड़ रुपए की एक संपत्ति को इसी साल मई में कुर्क किया था।

सूत्रों के मुताबिक इस मामले में बेनामीदार (जिसके नाम पर बेनामी संपत्ति है) की पहचान गणेश दत्त मिश्रा के रूप में की गई, जो अंसारी का एक कथित सहयोगी और पड़ोसी था, जबकि "लाभार्थी मालिक" अंसारी था।

बेनामी का अर्थ है 'कोई नाम नहीं' या 'बिना नाम ' और ऐसी संपत्तियां वे हैं जिनमें वास्तविक लाभार्थी वह नहीं है जिसके नाम पर संपत्ति खरीदी गई है।

ग़ाज़ीपुर में इस भूमि की कुर्की "पैंथर" नामक एक ऑपरेशन के तहत अंसारी और उसके सहयोगियों के खिलाफ कर विभाग द्वारा की गई "व्यापक" कार्रवाई का हिस्सा है।

आयकर विभाग के सूत्रों ने पहले कहा था कि वे अंसारी की लगभग 22 और कथित बेनामी संपत्तियों को कुर्क करने पर काम कर रहे हैं, जिनकी बाजार कीमत 100 करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान है।

अंसारी पर विभिन्न राज्यों में 61 आपराधिक मामले हैं, जिनमें से छह में उसे अब दोषी ठहराया जा चुका है।

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