सर्वदलीय बैठक में कांग्रेस ने विपक्ष के लिए लोकसभा उपाध्यक्ष पद मांगा, नीट का मुद्दा उठाया
कांग्रेस ने संसद सत्र से पहले सरकार द्वारा रविवार को बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में विपक्ष के लिए लोकसभा उपाध्यक्ष का पद मांगा और प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पात्रता - सह - प्रवेश परीक्षा (नीट) सहित अन्य परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक का मुद्दा उठाया.
नयी दिल्ली , 21 जुलाई : कांग्रेस ने संसद सत्र से पहले सरकार द्वारा रविवार को बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में विपक्ष के लिए लोकसभा उपाध्यक्ष का पद मांगा और प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पात्रता - सह - प्रवेश परीक्षा (नीट) सहित अन्य परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक का मुद्दा उठाया. सूत्रों ने रविवार को यह जानकारी दी. सूत्रों ने बताया कि संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजीजू ने जब दोनों सदनों को सुचारू रूप से चलाने के लिए हर पार्टी से सहयोग मांगा , तो कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विपक्ष को भी संसद में मुद्दे उठाने की अनुमति दी जानी चाहिए. सूत्रों के मुताबिक , समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद रामगोपाल यादव ने कांवड़ मार्ग पर स्थित भोजनालयों को उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से जारी उस विवादित निर्देश का मुद्दा उठाया , जिसके तहत उनसे मालिकों के नाम प्रदर्शित करने को कहा गया है. वाईएसआर कांग्रेस ने आंध्र प्रदेश में तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) सरकार द्वारा उसके नेताओं को कथित तौर पर निशाना बनाए जाने के बारे में बात की और केंद्र से हस्तक्षेप की मांग की.
यह बैठक रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई और संसदीय कार्य मंत्री रिजीजू ने इसका संचालन किया. कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने अलग से कहा कि सर्वदलीय बैठक में जनता दल (यूनाइटेड) और वाईएसआर कांग्रेस ने क्रमश : बिहार और आंध्र प्रदेश के लिए विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग की , लेकिन ' अजीब ' तरीके से तेदेपा इस मामले पर चुप रही. रमेश ने ' एक्स ' पर एक पोस्ट में कहा , " रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में आज सदन के नेताओं की सर्वदलीय बैठक में जद (यू) नेता ने बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग की. वहीं , वाईएसआरसीपी नेता ने आंध्र प्रदेश के लिए विशेष राज्य के दर्जे की मांग की. अजीब बात रही कि तेदेपा नेता इस मामले पर चुप रहे. " यह भी पढ़ें : जद (यू) और वाईएसआर कांग्रेस ने बिहार, आंध्र के लिए विशेष दर्जे की मांग की, तेदेपा चुप रही : रमेश
रमेश का यह सोशल मीडिया पोस्ट तब आय़ा था , जब बैठक जारी थी. सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के प्रमुख सहयोगी जद (यू) ने हाल ही में एक प्रस्ताव पारित कर बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग की थी. आंध्र प्रदेश के नेता लंबे समय से राज्य के लिए विशेष दर्जे की मांग कर रहे हैं. लोकसभा चुनाव के बाद इस मांग ने एक बार फिर से जोर पकड़ लिया है. सत्र की शुरुआत से पहले हुई इस पारंपरिक बैठक में कांग्रेस के रमेश , गोगोई और के सुरेश , ऑल इंडिया मजलिस - ए - इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के असदुद्दीन ओवैसी , राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अभय कुशवाहा , जनता दल (यूनाइटेड) के संजय झा , आम आदमी पार्टी (आप) के संजय सिंह , समाजवादी पार्टी (सपा) के रामगोपाल यादव और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के प्रफुल्ल पटेल भी मौजूद थे.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सोमवार से शुरू हो रहे सत्र के दौरान मंगलवार को केंद्रीय बजट पेश करेंगी. इस सत्र में विपक्ष के पास नीट पेपर लीक मामले और रेलवे सुरक्षा जैसे कई ऐसे मुद्दे हैं , जिनके आधार पर वह राजग सरकार को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी. सोमवार से शुरू हो रहा सत्र 12 अगस्त तक प्रस्तावित है. इस दौरान 19 बैठकें होनी हैं. सत्र के दौरान सरकार की ओर से छह विधेयक पेश किए जाने की उम्मीद है , जिसमें से एक 90 साल पुराने विमान अधिनियम को बदलने से संबंधित है. इस दौरान जम्मू - कश्मीर के बजट को भी संसद की ओर से मंजूरी दी जानी है. इस पूर्ववर्ती प्रदेश में अभी राष्ट्रपति शासन लागू है. सीतारमण सोमवार को संसद में आर्थिक सर्वेक्षण भी पेश करेंगी.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 21, 2024 02:06 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

