लाहौर, 18 अगस्त पाकिस्तान की जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के भतीजे को नौ मई को यहां ऐतिहासिक कोर कमांडर हाउस में हुई तोड़फोड़ में संलिप्तता के आरोप में मुकदमा चलाने के लिए सेना को सौंप दिया गया है। लाहौर उच्च न्यायालय को पुलिस द्वारा सौंपी गई एक रिपोर्ट में यह बात कही गई।
हसन खान नियाजी नौ और 10 मई के विरोध प्रदर्शन के बाद से छिपा हुआ था और पुलिस ने 13 अगस्त को उसे ऐबटाबाद से गिरफ्तार किया था।
खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी के कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में नौ मई को कोर कमांडर हाउस, जिसे जिन्ना हाउस भी कहा जाता है, पर धावा बोल दिया था और तोड़फोड़ करने के बाद उसमें आग लगा दी थी।
नौ मई को भ्रष्टाचार के एक मामले में अर्धसैनिक बल रेंजर्स द्वारा पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के अध्यक्ष की गिरफ्तारी के बाद पाकिस्तान में अभूतपूर्व राष्ट्रव्यापी सरकार विरोधी प्रदर्शन हुए थे।
सत्तर वर्षीय खान को बाद में जमानत पर रिहा कर दिया गया था। हिंसा के दौरान रावलपिंडी में सैन्य मुख्यालय सहित दर्जनों सैन्य प्रतिष्ठान और सरकारी इमारतें क्षतिग्रस्त कर दी गई थीं या इनमें आग लगा दी गई थी।
पुलिस की रिपोर्ट में कहा गया है कि लाहौर में जिन्ना हाउस हमले से संबंधित मामले में मुख्य संदिग्ध के रूप में नाम सामने आने के बाद सेना द्वारा नियाज़ी के खिलाफ जांच की जाएगी और मुकदमा चलाया जाएगा।
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