इंदौर (मध्यप्रदेश), तीन दिसंबर देश में मासिक धर्म से जुड़ी सामाजिक वर्जनाएं तोड़ने के लिए इंदौर के भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) ने करीब 1,000 लोगों के वीडियो को जोड़कर अनूठी श्रृंखला बनाई है। इसमें अलग-अलग उम्र के लोग सैनिटरी पैड आगे बढ़ाते नजर आ रहे हैं। इस कारनामे को राष्ट्रीय स्तर के डिजिटल कीर्तिमान के रूप में दर्ज कराने की कवायद जारी है।
आईआईएम इंदौर के एक प्रवक्ता ने बृहस्पतिवार को बताया कि संस्थान में हर साल आयोजित होने वाले प्रबंधन और सांस्कृतिक उत्सव "आइरिस" के तहत इस कारनामे को अंजाम दिया गया है।
उन्होंने बताया कि यह तीन दिवसीय वार्षिकोत्सव शुक्रवार से शुरू हो रहा है। हालांकि, इस बार कोविड-19 के प्रकोप के चलते इसे पूरी तरह ऑनलाइन आयोजित किया जा रहा है।
आइरिस की समन्वयक प्रिया अरोरा ने बताया कि मासिक धर्म से जुड़ी सामाजिक वर्जनाओं को तोड़ने के लिए देश के विभिन्न हिस्सों के लगभग 1,000 लोगों ने अपने वीडियो बनाकर भेजे हैं। इनमें वे सैनिटरी पैड आगे बढ़ाते दिखाई दे रहे हैं।
यह भी पढ़े | Farmers Protest: किसानों और सरकार के बीच चली बैठक में नहीं निकला कोई हल, अब 5 दिसंबर को फिर होगी बातचीत.
उन्होंने बताया, "वीडियो श्रृंखला बनाने के अभियान की खासियत यह है कि इसमें अलग-अलग आयु वर्गों के स्त्री-पुरुषों ने हिस्सा लिया है।"
अरोरा ने बताया कि इस कारनामे को राष्ट्रीय स्तर के डिजिटल कीर्तिमान के रूप में दर्ज कराने के लिए आईआईएम इंदौर की ओर से ‘इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ के सामने दावा पेश किया गया है। उन्होंने बताया, "हमारे इस दावे को ‘इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ परख रहा है।"
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY