नयी दिल्ली, 12 जून राज्यसभा का कोई सदस्य अब अगर ट्रेन का टिकट बुक करने के बाद यात्रा नहीं करता है तो उसे किराये का भुगतान करना होगा।
राज्यसभा के महासचिव की ओर से सदस्यों को जारी परामर्श में यह जानकारी दी गई है।
इसमें स्पष्ट किया गया है कि टिकट बुक कराने के बाद यात्रा नहीं करने के बाद इसे आगे की यात्रा के हिसाब से समायोजित भी नहीं किया जाएगा।
सदन के महासचिव देश दीपक वर्मा ने सांसदों को भेजे परामर्श में कहा कि वे यात्रा नहीं करने की स्थिति में ट्रेन बुकिंग को कैंसल करें और अगर ऐसा नहीं करते हैं तो किराया उनसे वसूला जाएगा।
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परामर्श में कहा गया है कि रेल मंत्रालय ने भुगतान के दावे का जो ब्यौरा दिया है उसके मुताबिक कुछ सदस्यों ने एक ही दिन एक ही अथवा दूसरे स्टेशनों से जाने वाली कई ट्रेनों में टिकट बुक कराए।
राज्यसभा सचिवालय को उन टिकट का भी भुगतान करना पड़ता है जिसका इस्तेमाल सदस्य ने नहीं किया है।
नियमों के मुताबिक, सांसद ट्रेन के प्रथम श्रेणी के डिब्बे में यात्रा कर सकते हैं और इससे नीचे की श्रेणी वाले डिब्बे में अपने साथ किसी को यात्रा करा सकते हैं।
हक
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