देश की खबरें | बाल आश्रय गृहों के बुनियादी ढांचे में कमियों की पहचान करें : स्मृति ईरानी ने एनसीपीसीआर से कहा

नयी दिल्ली, छह जुलाई केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने एनसीपीसीआर से बाल आश्रय गृहों के बुनियादी ढांचे में कमियों की पहचान करके उनकी सूचना मंत्रालय को देने को कहा है ताकि केन्द्रीय बजट में उन पर ध्यान दिया जा सके। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।

किशोर न्याय (बच्चों का देखभाल और संरक्षण) कानून के प्रावधान 27 के तहत प्रत्येक जिले में कम से कम एक बाल कल्याण समिति का गठन अनिवार्य है ताकि सक्षम प्राधिकार जरूरतमंद बच्चों की देखभाल, संरक्षा, इलाज, विकास और पुनर्वास कर सके और उन्हें जरूरत की मौलिक चीजें तथा मानवाधिकार संरक्षण उपलब्ध करा सके।

अधिकारी के अनुसार, ईरानी ने बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए काम करने वाली देश की सर्वोच्च संस्था राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) से बुनियादी ढांचे में कमियों की पहचान करने और बजट से धन प्राप्त करने के लिए उन्हें सामने लाने को कहा है।

‘मिशन वात्सल्य’ के तहत प्रत्येक जिले में बाल कल्याण समितियों के गठन और उनके सुचारू संचालन के लिए राज्यों और संघ शासित प्रदेशों को बुनियादी ढांचे के रूप में और वित्तीय सहायता मुहैया करायी जाएगी।

उपरोक्त अधिकारी ने बताया कि बाल आश्रय गृहों में बाल कल्याण समितियों के लिए तीन-तीन सौ वर्ग फुट के आकार के कमरे बनाने की जरूरत है।

अधिकारी ने बताया कि जिन जिलों में बाल आश्रय गृह नहीं हैं या जिन आश्रय गृहों में समिति के लिए स्थान नहीं है, वहां समिति कार्यालय के निर्माण या किराए के लिए मिशन के तहत धन उपलब्ध कराया जाएगा।

अधिकारी ने बताया कि मिशल वात्सल्य बाल कल्याण समिति के भवन निर्माण के लिए 9.25 लाख रुपये देता है।

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