बेंगलुरु, 30 जुलाई भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता सी. टी. रवि ने रविवार को कहा कि उन्हें कर्नाटक राज्य इकाई के अध्यक्ष पद की कोई लालसा नहीं हैं और यह पद कब और किसे दिया जाना चाहिए, इसका फैसला राष्ट्रीय नेतृत्व करेगा।
इस चर्चा के बीच कि रवि अगले प्रदेश अध्यक्ष के रूप में नलिन कुमार कतील की जगह लेंगे, उन्होंने कहा, ‘‘मुझे इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है। वर्तमान में मैं पूर्व राष्ट्रीय महासचिव हूं। मैं भविष्य के बारे में कुछ नहीं जानता।’’
रवि से पूछा गया था कि क्या उन्हें प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त करने के लिए राष्ट्रीय महासचिव के पद से हटाया गया है।
पार्टी ने शनिवार को अपने केंद्रीय पदाधिकारियों की टीम में फेरबदल किया था।
रवि ने यहां पत्रकारों से कहा, प्रदेश अध्यक्ष पद एक बड़ी जिम्मेदारी है जिसे मांगने से हासिल नहीं किया जा सकता है और यह ऐसी चीज है जिसके बारे में पार्टी नेतृत्व को तय करना है कि इसे किसे देना है और कब देना है।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं स्पष्ट कर रहा हूं कि मैं उस पद का आकांक्षी नहीं हूं। बाकी सब काल्पनिक है, जिसका उत्तर नहीं दिया जा सकता।’’
कतील ने पार्टी की राज्य इकाई के प्रमुख के रूप में तीन साल पूरे कर लिये हैं और भाजपा ने अभी तक उनके प्रतिस्थापन की घोषणा नहीं की है।
पार्टी को कर्नाटक विधानसभा और विधान परिषद में विपक्ष के नेताओं के लिए नामों को भी अंतिम रूप देना बाकी है।
रवि ने एक सवाल के जवाब में कहा कि पार्टी ने उन्हें दो साल और 10 महीने के लिए राष्ट्रीय महासचिव के रूप में कार्य करने की जिम्मेदारी दी थी और उन्होंने हमेशा भाजपा कार्यकर्ता होने की भावना के साथ काम किया है और आगे भी ऐसा करते रहेंगे।
उन्होंने कहा, ‘‘हमारी पार्टी में कोई भी पद मरते दम तक स्थायी नहीं होता और मुझे ऐसे कई पद दिए गए और फिर हटा दिया गया। मैं 35 साल पहले बूथ अध्यक्ष था, फिर होबली सचिव बना, फिर जिला समिति और युवा मोर्चा का हिस्सा बना आदि।’’
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