नयी दिल्ली, चार नवंबर हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कार्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) के निदेशक मंडल ने बुधवार को 2,500 करोड़ रुपये की शेयर बॉयबैक योजना को मंजूरी दी। कंपनी प्रबंधन का मानना है कि उसके शेयरों का दाम जितना होना चाहिये उससे नीचे चल रहा है।
एचपीसीएल ने शेयर बाजारों को भेजी सूचना में कहा है कि वह 10 करोड़ शेयरों को वापस खरीदेगी। यह खरीदारी 250 रुपये प्रति शेयर के दाम से अधिक नहीं होगी।
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कंपनी की उसके कुल शेयरों का 6.56 प्रतिशत तक शेयरों को वापस खरीदने की योजना है।
सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी आयल एण्ड नेचुरल गैस कार्पोरेशन (ओएनजीसी) की अनुषंगी एचपीसीएल द्वारा पिछले कुछ सालों के दौरान शेयरों की वापस खरीद का कोई इतिहास नहीं है।
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शेयर बॉयबैंक के बाद एचपीसीएल में ओएनजीसी की शेयर हिस्सेदारी मौजूदा 51.11 प्रतिशत से बढ़कर 54.70 प्रतिशत हो जायेगी। वहीं सार्वजनिक हिस्सेदारी 48.89 प्रतिशत से घटकर 45.30 प्रतिशत रह जायेगी।
बंबई शेयर बाजार में एचपीसीएल का शेयर बुधवार को पिछले दिन के मुकाबले 0.54 प्रतिशत बढ़कर 186.75 रुपये प्रति शेयर पर बंद हुआ। शेयर का यह दाम जनवरी 2018 के उस दाम का एक तिहाई है जब ओएनजीसी ने कंपनी में सरकार की 51.11 प्रतिशत हिस्सेदारी का अधिग्रहण किया था। ओएनजीसी ने एचपीसीएल का अधिग्रहण तब 473.97 रुपये प्रति शेयर के हिसाब से किया था।
एचपीसीएल पेट्रोलियम पदार्थों की बिक्री करने वाली देश की तीसरी बड़ी कंपनी है। उसकी मुंबई और विशाखापत्तनम में दो रिफाइनरियां हैं। वहीं बठिंडा रिफाइनरी में उसकी आधी हिस्सेदारी है।
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