गुवाहाटी, 24 मई असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा नये संसद भवन के उद्घाटन समारोह का विरोध करने के 19 विपक्षी दलों के फैसले को महज ‘नौटंकी’ करार देते हुए बुधवार को कहा कि इन दलों ने इस परियोजना का कभी समर्थन किया ही नहीं।
शर्मा ने कहा कि बहिष्कार का दूसरा कारण यह भी हो सकता है कि उद्धाटन ऐसे दिन हो रहा है जो ‘वीर सावरकर से जुड़ा हुआ है।’
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के निमंत्रण पर मोदी बीडी सावरकर की जयंती पर 28 मई को नये भवन का उद्घाटन करेंगे।
शर्मा ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘बहिष्कार लाज़िमी है। उन्होंने सबसे पहले संसद भवन के निर्माण का विरोध किया था।’’
पूर्वोत्तर में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के ‘पोस्टर ब्वॉय’ ने दावा किया कि विपक्ष ने कभी नहीं सोचा था कि नये संसद भवन का निर्माण कार्य इतनी जल्दी पूरा हो जाएगा और यह उनके लिए ‘बाउंसर’ की तरह आया है।
उन्होंने कहा, “इसलिए केवल अपना मुंह छिपाने के लिए वे बहिष्कार का नाटक कर रहे हैं, लेकिन असली बात यह है कि उन्होंने पहले दिन से कभी भी इस परियोजना का समर्थन नहीं किया.. हमने उनसे समारोह में शामिल होने की उम्मीद नहीं की थी।’’
कांग्रेस, वाम और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सहित 19 विपक्षी दलों ने मोदी द्वारा नये संसद भवन के उद्घाटन का बहिष्कार करने के अपने फैसले की घोषणा करते हुए कहा कि ‘‘जब लोकतंत्र की आत्मा ही निकाल ली गई है तो उन्हें नये भवन का कोई महत्व नहीं दिखता।’’
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