देश की खबरें | हिमाचल छात्रवृत्ति ‘घोटाला’: ईडी ने शैक्षणिक संस्थान और उसके प्रवर्तकों की संपत्तियां कुर्क कीं

नयी दिल्ली, 21 फरवरी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को कहा कि उसने हिमाचल प्रदेश में कथित छात्रवृत्ति घोटाले से जुड़े मामले में एक शैक्षणिक संस्थान और उसके प्रवर्तकों की 18 करोड़ रुपये से अधिक की भूमि और फ्लैट कुर्क किए हैं।

यह कार्रवाई मां सरस्वती एजुकेशनल ट्रस्ट के खिलाफ की गई है, जो सिरमौर जिले के काला अंब में ‘हिमालयन ग्रुप ऑफ प्रोफेशनल इंस्टीट्यूशंस’ का संचालन करता है। संस्थान के ट्रस्टियों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है।

सीबीआई ने इस मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें शिमला में तैनात ईडी का एक अधिकारी और उसके विभाग का एक पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) शामिल है।

ईडी ने भी इस मामले की जांच के तहत अब तक छह लोगों को गिरफ्तार किया है।

ईडी द्वारा लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया के लिए संस्थान या उसके प्रमोटरों से तुरंत संपर्क नहीं हो सका।

धन शोधन का यह मामला हिमाचल प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा निदेशालय द्वारा राज्य के ओबीसी, एससी और एसटी छात्रों के लिए पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत छात्रवृत्ति के वितरण में कथित अनियमितताओं की जांच के लिए दर्ज की गई सीबीआई की प्राथमिकी से संबंधित है।

संघीय जांच एजेंसी ने एक बयान में कहा कि धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत मां सरस्वती एजुकेशनल ट्रस्ट के नाम पर नाहन (सिरमौर जिला) में पंजीकृत लगभग 125 बीघा के तीन भूखंडों और मां सरस्वती एजुकेशनल ट्रस्ट की ट्रस्टियों प्रीति बंसल व ऋचा बंसल के नाम पर हरियाणा के पंचकूला में पंजीकृत दो फ्लैट को अस्थायी रूप से कुर्क करने का आदेश जारी किया गया था।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)