देश की खबरें | उच्च न्यायालय ने सैनिक फार्म के निवासियों की याचिका पर केंद्र, आप सरकार से जवाब मांगा
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 23 अक्टूबर दिल्ली उच्च न्यायालय ने सैनिक फार्म के निवासियों की एक याचिका पर केंद्र और आप सरकार से जवाब मांगा है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि उनकी कॉलोनी को मनमाने और अवैध तरीके से अनधिकृत धनाढ्य कॉलोनी के तौर पर सूचीबद्ध किया गया है जिसके कारण उनकी संपत्ति के मालिकाना अधिकारों को मान्यता नहीं दी गयी है।

मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल और न्यायमूर्ति प्रतीक जालान की पीठ ने सैनिक फार्म और सैनिक फार्म वेस्टर्न एवेन्यू के निवासियों की याचिका पर आवास मंत्रालय, दिल्ली सरकार, दिल्ली विकास प्राधिकरण और दक्षिणी दिल्ली नगर निगम को नोटिस जारी कर उन्हें अपना जवाब देने के लिए कहा है ।

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दोनों कॉलोनियों के निवासियों ने कहा है कि केंद्र राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली (अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले निवासियों के संपत्ति अधिकारों को मान्यता) कानून 2019 और इसके तहत अनधिकृत कॉलोनियों के निवासियों के मालिकाना अधिकारों को मान्यता देने के लिए निर्धारित नियमन लेकर आया।

याचिका में कहा गया, ‘‘हालांकि, कानून और नियमन के तहत धनाढ्य अनधिकृत कालॉनियों के तौर पर चिन्हित अनधिकृत कॉलोनियों के निवासियों को फायदा देने से मनमाने और अवैध तरीके से इनकार किया गया ।’’ याचिकाकर्ताओं की ओर से वकील उत्तम दत्त और सोनाक्षी सिंह पेश हुए।

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याचिका में दलील दी गयी है कि ऐसे वर्गीकरण के लिए कानून और नियमन के तहत कोई कारण या तर्क नहीं दिया गया है।

मामले पर 27 नवंबर को अगली सुनवाई होगी ।

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