देश की खबरें | उच्च न्यायालय का दिल्ली दंगा मामलों की नवीनतम जानकारी देने का पुलिस को निर्देश

नयी दिल्ली, 23 अगस्त दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को दिल्ली पुलिस को 2020 में उत्तर पूर्वी दिल्ली दंगों से संबंधित मामलों की नवीनतम जानकारी देने का निर्देश दिया। ये मामले यहां निचली अदालतों के समक्ष लंबित है।

उच्च न्यायालय ने कहा कि पुलिस को अपनी रिपोर्ट में मामलों की स्थिति के बारे में जानकारी देनी होगी कि उनमें से कितने आरोप पत्र दायर किए गए हैं, आरोप तय किए गए हैं और अभियोजन पक्ष के कितने गवाहों से पूछताछ की गई है।

मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की पीठ ने कहा, ‘‘प्रतिवादी (पुलिस) ने आरोप पत्र दाखिल करने की नवीनतम स्थिति और आपराधिक अदालतों में चल रहे मुकदमे की स्थिति को रिकॉर्ड में लाने के लिए जवाबी हलफनामा दायर करने का अनुरोध किया है। समय दिया जाता है। मामले को सुनवाई के लिए आठ अक्टूबर के लिए सूचीबद्ध किया जाता है।’’

उच्च न्यायालय पिछले साल की हिंसा और नेताओं द्वारा कथित घृणास्पद भाषणों से संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है, जिसके कारण संशोधित नागरिकता अधिनियम से संबंधित हिंसा भड़क उठी थी।

याचिका में हिंसा को लेकर और कथित तौर पर घृणास्पद भाषण देने वाले राजनीतिक नेताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का अनुरोध किया गया है। हिंसा में कम से कम 53 लोग मारे गए थे और लगभग 700 घायल हुए थे।

एक अन्य याचिका में आरोप लगाया गया है कि राहुल गांधी, सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी वाद्रा समेत कांग्रेस के नेताओं , आम आदमी पार्टी (आप) नेताओं मनीष सिसोदिया और अमानतुल्ला खान और ऑल इंडिया मजलिस इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) विधायक वारिस पठान ने नफरत पैदा करने वाले भाषण दिये थे।

अदालत दिल्ली निवासी अजय गौतम की एक जनहित याचिका पर भी सुनवाई कर रही थी, जिसमें हिंसा की गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) से जांच का अनुरोध किया गया है।

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