मुंबई, सात जून बंबई उच्च न्यायालय ने बृहन मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट (बेस्ट) के लिए 1,400 इलेक्ट्रिक बसों की खरीद प्रक्रिया से अयोग्य ठहराए जाने को चुनौती देते हुए टाटा मोटर्स की तरफ से दी गई याचिका पर मंगलवार को बहस पूरी करने के साथ ही अपने फैसले को सुरक्षित रख लिया।
टाटा मोटर्स ने बेस्ट की तरफ से जारी निविदा प्रक्रिया में हिस्सा लिया था लेकिन उसकी बोली को बेस्ट ने तकनीकी व्यवहार्यता मूल्यांकन के आधार पर अपात्र घोषित कर दिया। टाटा मोटर्स ने इस फैसले को चुनौती देते हुए उच्च न्यायालय में पिछले महीने याचिका दायर की थी।
सुनवाई के दौरान टाटा मोटर्स की तरफ से यह दलील दी गई कि उसकी बोली को मनमाने ढंग से खारिज कर दिया गया ताकि निविदा पाने वाली कंपनी को फायदा पहुंचाया जा सके।
हालांकि मुंबई में परिवहन सेवाओं का परिचालन करने वाली सार्वजनिक कंपनी बेस्ट ने इस आरोप को सिरे से नकारते हुए कहा कि उसने निविदा आवंटित करते समय निर्धारित प्रक्रिया का पूरी तरह पालन किया है।
टाटा मोटर्स की तरफ से दायर याचिका के मुताबिक, बेस्ट ने मुंबई एवं उपनगरीय इलाकों में 1,400 इलेक्ट्रिक बसों के परिचालन के लिए ई-निविदा इस साल 26 फरवरी को जारी की थी। इस निविदा में टाटा मोटर्स की तरफ से 25 अप्रैल को तकनीकी एवं वित्तीय बोली जमा की गई थी। लेकिन बेस्ट ने छह मई को निविदा का तकनीकी व्यवहार्यता मूल्यांकन प्रकाशित करते हुए टाटा मोटर्स को अयोग्य घोषित कर दिया।
प्रेम
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