जयपुर, 15 सितम्बर कोविड-19 महामारी के अभी लंबे समय तक जारी रहने की आशंका जताते हुए तमाम चिकित्सा विशेषज्ञों ने मंगलवार को कहा कि इससे बचाव के लिए मास्क पहनना, दो गज की दूरी बनाए रखना और अन्य दिशा-निर्देशों का पालन करना आवश्यक है।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस में प्रसिद्ध हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ नरेश त्रेहान सहित जाने माने चिकित्सकों ने लोगों को यह सलाह दी।
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सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक और यू ट्यूब पर प्रसारित किये गये इस कार्यक्रम में मंत्रिमंडल के सदस्यों, विधायकों, प्रशासनिक, पुलिस अधिकारियों सहित राज्य के 8,000 पंचायतों के सरपंच और वार्ड पंच सहित तमाम लोगों ने हिस्सा लिया।
डॉक्टर त्रेहान ने कहा, ‘‘लोग यह सोचकर लापरवाह हो रहे है कि वायरस अब ज्यादा प्रभावी नहीं है। लेकिन मेरी सलाह है कि, इसे हल्के में ना लें।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इससे तीनों... सरकार, चिकित्सा कर्मियों और जनता को साथ मिलकर लड़ना है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘अनलॉक शुरू होने के साथ ही संक्रमण के फैलने की आशंका भी बढ़ी।’’
त्रेहान ने कहा, ‘‘लोगों को लग रहा है कि जो लोग बीमार होंगे... उनमें से जो युवा हैं उन पर वायरस का असर हल्का, मध्यम जोखिम वाला होगा वे संक्रमण मुक्त हो जाएंगे। 98 प्रतिशत वैसे ही ठीक हो जायेंगे और एक दो प्रतिशत को यह समस्या आयेगी और एक दो प्रतिशत मर जायेंगे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘लोगों को समझना होगा कि संक्रमित होने के बाद उस व्यक्ति पर वायरस का असर लंबा रहता है। कई लोगों के हृदय पर इसका स्थाई प्रभाव पड़ रहा है।’’
मेदांता अस्पताल के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक डा त्रेहान ने जनता को संदेश देने के लिए राजनेताओं और अफसरों को सार्वजनिक जीवन में मास्क पहनने का सुझाव दिया।
दिशा-निर्देशों का पालन करने वाले देशों को संक्रमण को नियंत्रित करने में मदद मिली है, इस संदर्भ में उन्होंनले सिंगापुर का उदाहरण दिया।
नारायणा अस्पताल के अध्यक्ष डा देवी शेट्टी ने कहा कि कोविड-19 अपने अंतिम चरण में है और भविष्य में स्थिति को संभालने के लिए और अधिक चिकित्सकों की जरुरत पड़ने वाली है।
उन्होंने कहा कि दुकानें खुलनी चाहिए, यात्राएं और अन्य गतिविधियां शुरू होनी चाहिए लेकिन बेवजह बैठकों और जमावड़ों पर रोक लगना चाहिए।
दिल्ली के इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बायिलरी साइंसेस के गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ शिव सरीन ने सभी को मास्क पहनने पर जोर देते हुए कहा कि चार महीने में कोरोनो वायरस संक्रमित मामलों में कमी आ सकती है... अगर हर कोई मास्क पहनता है... क्योंकि इससे संक्रमण फैलने की आशंका कम हो जाती है।
उन्होंने कहा कि सरकार को 'नो मास्क —नो एंट्री' नियम लागू करना चाहिए।
इससे पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार ने 100 से अधिक समीक्षा बैठकें की हैं और संकट काम में राज्य में स्वास्थ्य के ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ सामाजिक प्रतिबद्धताओं को पूरा किया है।
मुख्य सचिव राजीव स्वरूप ने बताया कि लगभग 1.75 लाख लोगों ने सोशल मीडिया के माध्यमों सहित इस सत्र को देखा है।
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