मेदिनीनगर, 14 जुलाई झारखंड के पलामू स्थित पलामू बाघ आरक्षित वन (पलामू टाइगर रिजर्व) में सोमवार की रात संदिग्ध परिस्थितियों में एक हथिनी की मौत हो गई।
हथिनी की मौत की पुष्टि पीटीआर के क्षेत्र निदेशक वाई के दास ने की है और कहा है कि मामले की जांच की जा रही है लिहाजा अभी विस्तृत ब्यौरा नहीं दिया जा सकता है।
इस बीच राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड के पूर्व सदस्य एवं वन्यप्राणी विशेषज्ञ प्रो. डी एस श्रीवास्तव ने बताया है कि हथिनी की मौत बिजली के करंट से हुई है।
उन्होंने बताया कि हथिनी की मौत में स्थानीय गांव वालों की परोक्ष भूमिका हो सकती है जो फसलों को बचाने के लिए कई बार अपने खेतों के चारों तरफ बिजली के तार लगाते हैं और उसमें बिजली का करेंट प्रवाहित करते हैं।
प्रो. श्रीवास्तव ने बताया कि हथिनी की उम्र करीब 15 वर्ष है।
वन्यजीव विशेषज्ञ ने बताया कि, पिछले दो वर्षों में पलामू बाघ आरक्षित वन में अलग- अलग समय में बिजली के करंट से अबतक छह हाथियों की मौत हुई है और वर्तमान में इस वन इलाके में 180 हाथी हैं जिनकी सुरक्षा के विशेष इंतजाम किये जाने की आवश्यकता है।
प्रो. श्रीवास्तव ने बताया कि हथिनी की मौत पीटीआर के बेतला राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र में हुई है जो मेदिनीनगर-महुआडांड़ मार्ग में मुरकुटी स्थल के नजदीक है।
इस बीच पीटीआर के अधिकारियों एवं कर्मचारियों का दल मृत हथिनी के पास
पहुंच गया है और उसके अंत्य परीक्षण की तैयारी की जा रही है।
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