गुरुग्राम, 17 जुलाई पुलिस ने विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देने समेत साइबर धोखाधड़ी के अलग-अलग मामलों में कथित संलिप्तता को लेकर चार लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।
पुलिस ने बताया कि तीन आरोपी बैंक कर्मचारी बनकर लोगों को उनके क्रेडिट कार्ड की सीमा बढ़ाने और ऋण देने के बहाने ठगते थे।
सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) साइबर प्रियांशु दीवान ने बताया कि 24 अप्रैल को एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी कि बैंक कर्मचारी बनकर एक व्यक्ति ने उसे क्रेडिट कार्ड की सीमा बढ़ाने के लिए फोन किया और उससे 1.23 लाख रुपये ठग लिए।
एसीपी ने बताया कि पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू की और भारद्वाज एवं आस मोहम्मद उर्फ आशु को सोमवार को गिरफ्तार कर लिया।
उन्होंने बताया कि मामले के तीसरे आरोपी लखन को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया गया।
एसीपी ने कहा, ‘‘पुलिस द्वारा की गई पूछताछ में पता चला कि सभी आरोपी व्यक्ति लोगों को फोन करके उनके क्रेडिट कार्ड की सीमा बढ़ाने और उस पर ऋण देने के बहाने उनके कार्ड संबंधी जानकारी लेकर उन्हें ठगते थे। वे क्रेडिट कार्ड की जानकारी का इस्तेमाल कर धोखाधड़ी से अपने बैंक खातों में पैसे हस्तांतरित कर लेते थे और आपस में बांट लेते थे। हम आरोपियों से पूछताछ कर रहे हैं।’’
पुलिस ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ विभिन्न जिलों में आठ मामले दर्ज किए गए हैं।
पुलिस ने बताया कि एक अन्य घटना में, जतिन जोशी नामक एक व्यक्ति को विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों को ठगने के आरोप में मंगलवार को गिरफ्तार किया गया।
दीवान ने बताया जोशी नौकरी चाहने वाले लोगों का डेटा एक वेबसाइट के जरिए एकत्र करता था और रोजगार के अवसर प्रदान करने के बहाने उनसे संपर्क करता था।
उन्होंने बताया कि वह ऑनलाइन साक्षात्कार आयोजित करता था और कुछ लोगों को चुनकर उनकी जानकारी अपने अन्य सहयोगियों को भेजता था।
उन्होंने बताया कि जोशी के सहयोगी इन लोगों से दस्तावेजीकरण और अन्य प्रक्रियाओं के लिए धन लेते थे।
दीवान ने बताया कि जोशी के पास से एक लैपटॉप और एक मोबाइल फोन बरामद किया गया है। उन्होंने बताया कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है और उसके साथियों को भी पकड़ने की कोशिश की जा रही है।
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