अहमदाबाद, 23 मई कांग्रेस की गुजरात इकाई ने शुक्रवार को दाहोद जिले में कथित 71 करोड़ रुपये के मनरेगा घोटाले में मंत्री बच्चूभाई खाबड़ के दो बेटों की गिरफ्तारी के बाद अदालत की निगरानी में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने और खाबड़ के इस्तीफे की मांग की।
कांग्रेस की राज्य इकाई के अध्यक्ष शक्तिसिंह गोहिल ने यहां कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 26 मई के दाहोद कार्यक्रम के मद्देनजर विपक्षी पार्टी उनसे मिलना चाहती है और गुजरात में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार में ‘भ्रष्टाचार’ के सबूत सौंपना चाहती है।
पुलिस ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) योजनाओं से संबंधित 71 करोड़ रुपये के घोटाले में कथित संलिप्तता के लिए खाबड़ के बेटों बलवंत और किरण को गिरफ्तार किया है।
आरोप है कि कुछ ठेका कंपनियों ने आदिवासी बहुल दाहोद जिले में किसी सामान की आपूर्ति किए बिना या कोई काम कराए बिना सरकार से भुगतान प्राप्त किया। आरोप है कि इन कंपनियों में खाबड़ के दोनों बेटों द्वारा संचालित कंपनियां भी शामिल हैं।
बच्चूभाई खाबड़ राज्य के देवगढ़ बारिया निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं और राज्य सरकार में पंचायत एंव कृषि मंत्री हैं।
गोहिल ने यहां संवाददाताओं को संबोधित करते हुए दावा किया कि अगर जांच ठीक से की जाए तो घोटाले में शामिल राशि 400 करोड़ रुपये से अधिक होगी।
कांग्रेस नेता ने कहा, “यह मामला इस बात का सबूत है कि सत्तारूढ़ भाजपा से जुड़े लोग भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। हमारी पार्टी की दाहोद इकाई ने कुछ आरटीआई कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर इस घोटाले का पता लगाया, जिसके बाद प्राथमिकी दर्ज की गई।”
गोहिल ने कहा, “प्रधानमंत्री दावा करते हैं कि वह भ्रष्टाचार के खिलाफ हैं इसलिए कांग्रेस की दाहोद इकाई के नेता उनके दौरे के दौरान उनसे मिलना चाहते हैं और उन्हें सबूत दिखाना चाहते हैं।”
कांग्रेस नेता ने कहा कि बच्चूभाई खाबड़ को मंत्री पद से बर्खास्त किया जाना चाहिए, क्योंकि यह संभव नहीं है कि उन्हें अपने बेटों की हरकतों के बारे में पता ही न हो।
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