नयी दिल्ली, 28 सितंबर केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) के प्रमुख संजय कुमार अग्रवाल ने बृहस्पतिवार को कहा कि माल एवं सेवा कर (जीएसटी) के मासिक संग्रह में आई तेजी के पीछे बेहतर कर अनुपालन की अहम भूमिका है और रिटर्न जमा करने एवं पंजीकरण में सख्ती से कर चोरी पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी।
अग्रवाल ने यहां उद्योग मंडल फिक्की के एक कार्यक्रम में कहा कि सीबीआईसी को कर चोरी की आशंका वाले क्षेत्रों में कर दरों को सुसंगत करने से संबंधित कई सुझाव मिले हैं और बोर्ड इन सभी पर चर्चा कर रहा है।
जीएसटी संग्रह पिछले कई माह से लगातार 1.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक बना हुआ है। अप्रैल में यह 1.87 लाख करोड़ रुपये रहा था और चालू वित्त वर्ष के पहले चार महीनों में औसत मासिक संग्रह 1.67 लाख करोड़ रुपये रहा है।
सीबीआईसी प्रमुख ने कहा, ‘‘राजस्व में उछाल बाजार मूल्य पर सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि का 1.43 है। इसका मतलब है कि राजस्व संग्रह पूरी तरह जीडीपी वृद्धि पर निर्भर नहीं है लेकिन इसमें बड़ा योगदान बढ़े हुए अनुपालन स्तर का है।’’
कर राजस्व में उछाल सरकारी कर राजस्व वृद्धि में हुए बदलाव और जीडीपी में बदलाव के बीच के संबंध को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि सरकार कर अनुपालन को प्रोत्साहित करने और धोखेबाजों को जीएसटी प्रणाली से दूर रखने के लिए हरसंभव कदम उठा रही है। जीएसटी परिषद की बैठक में रिटर्न जमा की प्रक्रिया में बदलाव से संबंधित फैसला लेने का मकसद यही रहा कि फर्जी इनपुट कर क्रेडिट (आईटीसी) की समस्या से निपटा जा सके।
अग्रवाल ने कहा कि फर्जी आईटीसी दावों की समस्या का समाधान काफी जटिल है और विभाग कर दरों के बारे में मिले तमाम सुझावों पर गौर कर रहा है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि रिटर्न जमा करने और पंजीकरण प्रक्रिया से संबंधित हालिया फैसले फर्जी आईटीसी और फर्जी पंजीकरण पर लगाम लगाने में मदद करेंगे।
प्रेम
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