देश की खबरें | सरकार के लिए जीडीपी बढ़ने का अर्थ गैस, डीजल, पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि से है: राहुल गांधी
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रसोई गैस, डीजल और पेट्रोल की बढ़ती कीमतों को लेकर बुधवार को सरकार पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि पिछले सात साल में इन उत्पादों के दाम बढ़ाकर 23 लाख करोड़ रुपए अर्जित किए गए हैं।
नयी दिल्ली, एक सितंबर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रसोई गैस, डीजल और पेट्रोल की बढ़ती कीमतों को लेकर बुधवार को सरकार पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि पिछले सात साल में इन उत्पादों के दाम बढ़ाकर 23 लाख करोड़ रुपए अर्जित किए गए हैं।
गांधी ने आरोप लगाया कि किसान, वेतनभोगी वर्ग और श्रमिकों से धन लिया जा रहा है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुछ उद्योगपति मित्रों की कमाई बढ़ाई जा रही है।
गांधी ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि सरकार ने सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की नई अवधारणा पेश की है, जिसके अनुसार जीडीपी बढ़ने का अर्थ गैस, डीजल और पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि से है।
कांग्रेस के पूर्व प्रमुख ने आरोप लगाया कि सरकार ने पिछले सात साल में गैस, डीजल और पेट्रोल के दाम बढ़ाकर 23 लाख रुपए अर्जित किए हैं। उन्होंने कहा कि देशवासियों को सवाल करना चाहिए कि यह धन जा कहां रहा है।
गांधी ने कहा, ‘‘एक ओर (लोगों से) धन लिया जा रहा है और दूसरी ओर (कुछ लोगों को) धन दिया जा रहा है। जिन लोगों से धन लिया जा रहा है, उनमें किसान, श्रमिक, छोटे कारोबारी एवं अनौपचारिक वर्ग, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, संविदा कर्मी, वेतनभोगी वर्ग और ईमानदार उद्योगपति शामिल हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चार-पांच मित्रों को धन दिया जा रहा है।’’
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि गरीब और कमजोर वर्ग का धन प्रधानमंत्री के मित्रों को हस्तांतरित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार अपने वादों को पूरा नहीं कर पाने के कारण घबराई हुई है और ईंधन की कीमतों पर निर्भर है। गांधी ने कहा कि जिस दिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमत 90-100 डॉलर तक पहुंच जाएंगी, तब स्थिति नियंत्रण से बाहर हो जाएगी।
उन्होंने 2014 की शुरुआत में कांग्रेस नीत संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) की सरकार के दौरान और मौजूदा सरकार में रसोई गैस सिलेंडरों, पेट्रोल और डीजल की कीमत संबंधी आंकड़ों की तुलना की।
गांधी ने कहा कि 2014 में जब संप्रग सत्ता में था, तब तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) की कीमत 410 रुपये प्रति सिलेंडर थी, जो अब 885 रुपये है। संप्रग सरकार के समय 2014 में पेट्रोल 71.5 रुपये प्रति लीटर था, जो अब 101 रुपये प्रति लीटर है और डीजल 57 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 88 रुपये प्रति लीटर हो गया है।
उन्होंने कहा कि पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की अंतरराष्ट्रीय कीमत 2014 की तुलना में कम हैं, लेकिन भारत में कीमत अब भी बढ़ रही हैं।
कांग्रेस पार्टी पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कीमत में वृद्धि को लेकर सरकार की आलोचना करने के साथ ही केंद्र सरकार द्वारा लगाए गए कुछ करों को हटाकर इन कीमतों में कमी की मांग करती रही है।
उल्लेखनीय है कि सब्सिडी वाली रसोई गैस सहित सभी श्रेणियों में एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बुधवार को 25 रुपये प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी की गई। दो महीनों से भी कम समय में दरों में तीसरी बार बढ़ोतरी की गई है। तेल कंपनियों द्वारा जारी मूल्य अधिसूचना के अनुसार सब्सिडी वाले और बिना सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडर की कीमत अब दिल्ली में 884.50 रुपये प्रति सिलेंडर (14.2 किलोग्राम) है।
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(The above story first appeared on LatestLY on Sep 01, 2021 07:13 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

