नयी दिल्ली, 21 अक्टूबर राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में होटलों और अन्य भवनों के कथित अवैध और अनधिकृत निर्माण की जांच करने संबंधी याचिका को खारिज कर दिया है।
अधिकरण के अध्यक्ष न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि याचिका बेहद अस्पष्ट और सिर्फ अखबारों में प्रकाशित खबरों पर आधारित है जिनका कोई सत्यापन नहीं किया गया है ।
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पीठ ने कहा, ‘‘कथित रूप से उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति को पक्ष नहीं बनाया गया है। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (पद्धति एवं प्रक्रिया) नियम, 2011 में आवेदन देने की प्रक्रिया तय है। नियम 14 के तहत आवेदन ‘कार्रवाई के लिए एक वजह’ पर आधारित होना चाहिए।
पीठ ने कहा,‘‘आवेदन में कार्रवाई के लिए ऐसी कोई वजह नहीं दी गयी है। आरोपों का संकलन है, जिसमें कोई तथ्य नहीं है और न हीं संबंधित पक्षों को इसमें शामिल किया गया है, ऐसे में इसपर विचार नहीं किया जा सकता है।’’
अधिकरण ने कहा कि याचिका में उच्च न्यायालय के कई आदेशों का संदर्भ दिया गया है, लेकिन वे आदेश उपलब्ध नहीं है। पीठ ने कहा, ‘‘जब तक कि वे आदेश उपलब्ध नहीं होते हैं, समान मुद्दे पर अलग-अलग अदालतों में सुनवाई और अलग-अलग फैसले आने की संभावनाओं को खारिज नहीं किया जा सकता है। इसलिए आवेदन को खारिज किया जाता है।’’
अधिकरण दिल्ली निवासी राजीव सुरी द्वारा दी गई अर्जी पर सुनवाई कर रहा था।
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