मुंबई, 19 अप्रैल शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता आदित्य ठाकरे ने बुधवार को दावा किया कि दो सप्ताह से बजरी की कमी के कारण मुंबई और उसके उपनगरीय इलाकों में बुनियादी ढांचा परियोजनाएं या तो बंद पड़ी हैं, या फिर उनका काम धीमी गति से चल रहा है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पत्थर तोड़ने वाली (स्टोन क्रशर) सभी कंपनियों को पर्यावरण मंत्रालय ने नोटिस भेजा है। मंत्रालय का प्रभार मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के पास है।
महाराष्ट्र के पूर्व पर्यावरण मंत्री ने संवाददाताओं से कहा, ऐसी भी बातें चल रही हैं कि शिंदे के करीबी ने सभी (बजरी) आपूर्तिकर्ताओं पर एक कंपनी के माध्यम से माल बेचने का दबाव बनाया है जिसके कारण कीमतों में 50 फीसदी से ज्यादा वृद्धि हुई है।
ठाकरे ने कहा, ‘‘यह मुख्यमंत्री के विशेष ठेकेदार मित्रों को लाभ पहुंचाने के लिए किया जा रहा है।’’
ठाकरे ने यह भी कहा कि बजरी की कमी के कारण बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) द्वारा किए जा रहे महत्वपूर्ण निर्माण कार्य जैसे डेलिसल रोड पुल और अन्य सड़कों का निर्माण/मरम्मत मानसून से पहले 31 मई तक पूरा नहीं हो पाएगा।
उन्होंने सवाल किया, ‘‘काम (मुंबई में बुनियादी ढांचा परियोजनाएं) में कितनी प्रगति हुई है और काम की दक्षता क्या है?’’
ठाकरे ने कहा कि सभी संबंधित विभागों... शहरी विकास और पर्यावरण मंत्रालय... का प्रभार मुख्यमंत्री शिंदे के पास है।
ठाकरे ने आरोप लगाया, ‘‘भ्रष्ट स्थानीय निकाय और सरकार अपने हिस्से के मजे कर रही है, हम मुंबईवासी उनकी लालच का नुकसान झेल रहे हैं।’’
उन्होंने सरकार से स्पष्टीकरण मांगा कि किन सड़कों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और कहां-कहां काम शुरू हो चुका है।
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