देश की खबरें | सरकार ने प्रवर्तन निदेशालय के कोलकाता प्रमुख योगेश गुप्ता का किया तबादला, दिल्ली में तैनाती
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली/कोलकाता, 13 अक्टूबर केंद्र सरकार ने भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के वरिष्ठ अधिकारी योगेश गुप्ता का तबादला दिल्ली में किया है। वह पूर्वी क्षेत्र में प्रवर्तन निदेशालय के विशेष निदेशक का पद संभाल रहे थे।

गुप्ता केरल कैडर 1993 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। वह 2014 से प्रवर्तन निदेशालय के, कोलकाता स्थित पूर्वी क्षेत्र के मुख्यालय का नेतृत्व कर रहे थे। उन्होंने पश्चिम बंगाल और पड़ोसी जिलों में धनशोधन के कुछ चर्चित मामले सारदा, रोज वैली और नारदा घोटालों की जांच का नेतृत्व किया है।

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इन मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी ने कई नेताओं से पूछताछ की है और इस संबंध में कई आरोप पत्र अभी आने की संभावना है।

सोमवार को केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने इस संबंध में आदेश जारी किया। इस आदेश में कहा गया है कि गुप्ता का तबादला करके उनकी नियुक्ति अब केंद्रीय जांच एजेंसी के मुख्यालय दिल्ली में विशेष निदेशक (अधिनिर्णय) के रूप में कर दी गई है।

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गुप्ता को धन शोधन से जुड़े ऐसे मामलों के जांच का श्रेय दिया जाता है जिसमें धन शोधन विरोधी कानून (धनशोधन रोकथाम) अधिनियम के तहत पहली बार दो मामलों में आरोपियों को दोषी ठहराया गया। इस तरह का पहला क्षण 2017 में आया जब झारखंड के पूर्व मंत्री हरिनारायण को दोषी ठहराया गया।

पीएमएलए 2002 में बना और इसे 2005 में लागू किया गया। इस कानून का मकसद कर-वंचन के गंभीर मामलों और काला धन जमा करने की जांच करना था।

आंकड़ों के अनुसार, देश में प्रवर्तन निदेशालय द्वारा जांच के बाद दोषसिद्धि के करीब एक दर्जन मामलों में से पांच मामले पूर्वी क्षेत्र से जुड़े हैं

प्रवर्तन निदेशालय का नेतृत्व एक निदेशक करता है और इसके पास छह विशेष निदेशक हैं।

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