जरुरी जानकारी | सोने की हॉलमार्किंग नियमों के खिलाफ ज्वैलर्स की हड़ताल को लेकर सरकार, व्यापारियों के अलग दावे

नयी दिल्ली, 23 अगस्त केंद्र सरकार के नए स्वर्ण हॉलमार्किंग नियमों के विरोध में करीब 350 जौहरी संघों द्वारा आहूत राष्ट्रव्यापी हड़ताल सोमवार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। हालांकि, इन नये नियमों के खिलाफ हड़ताल की सफलता के बारे में आभूषण कारोबारियों (ज्वैलर्स) और सरकार के दावे परस्पर विरोधी हैं।

विरोध करने वाले जौहरियों के संगठन ऑल इंडिया जेम एंड ज्वैलरी डोमेस्टिक काउंसिल (जीजेसी) में से एक ने दावा किया कि हड़ताल को ‘जबर्दस्त प्रतिक्रिया’ प्राप्त हुई है क्योंकि बड़े औद्योगिक घरानों को छोड़कर अधिकांश आभूषण विक्रेताओं की दुकानें सोमवार को हड़ताल के कारण बंद रहीं।

दूसरी ओर, सरकार ने - एक विज्ञप्ति में - कहा कि हड़ताल का ‘कोई प्रभाव नहीं’ पड़ा है। सरकार की ओर से कुछ जौहरियों के निकायों के पत्रों की प्रतियां भी जारी की गई जिन निकायों ने हड़ताल का विरोध किया।

सरकार ने तनिष्क, कल्याण ज्वैलर्स और पीसी ज्वैलर्स जैसी ज्वैलरी कंपनियों के शोरूम की तस्वीरें भी जारी की जो हड़ताल के दिन खुली रहीं।

लगभग 350 आभूषण निकाय, सरकार की हॉलमार्किंग विशिष्ट पहचान संख्या (एचयूआईडी) प्रणाली के खिलाफ हैं, जिसके बारे में उनका कहना है कि इसका सोने की शुद्धता से कोई लेना-देना नहीं है, बल्कि यह सिर्फ कारोबार के बारे में पता लगाने वाला (ट्रैकिंग) एक तंत्र है।

हॉलमार्किंग को सुचारू रूप से लागू करने के लिए 'नेशनल टास्क फोर्स' बनाने वाले इन ज्वैलर्स ने सरकार से अंशधारकों की चिंताओं को दूर करने के लिए 'तटस्थ समिति' बनाने की मांग की है।

पीटीआई- से बात करते हुए, एक विरोध प्रदर्शनकारी आभूषण निकाय ऑल इंडिया जेम एंड ज्वैलरी डोमेस्टिक काउंसिल (जीजेसी) के निदेशक दिनेश जैन ने कहा, ‘‘एचयूआईडी प्रणाली के खिलाफ देशव्यापी हड़ताल की बहुत मजबूत और जबरदस्त प्रतिक्रिया प्राप्त हुई है। एक दिन के लिए दुकानें बंद रहीं।’’

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