बेंगलुरु, 16 जून पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा ने गलवान घाटी में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हिंसक झड़प को मंगलवार को ‘विचलित करने वाला’ बताया और कहा कि सरकार को इस सीमा मुद्दे पर देश के सामने स्पष्ट तस्वीर पेश करनी चाहिए।
देवेगौड़ा ने ट्वीट किया,‘‘गलवान घाटी से आ रही खबरें विचलित करने वाली हैं। तनाव कम करने की प्रक्रिया के दौरान हमारे सैनिकों ने कैसे अपनी जान गंवायी? राष्ट्रहित में प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री को लद्दाख गतिरोध के दौरान चीन के साथ सीमा मुददे पर देश के सामने स्पष्ट तस्वीर रखनी चाहिए। ’’
इस बीच नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने भी ट्वीट किया, ‘‘ यदि तनाव कम करने की प्रक्रिया के दौरान चीनी भारतीय सेना के एक कर्नल और दो जवानों की गोली मारकर हत्या कर देते हैं तो कल्पना कीजिए कि स्थिति कितनी बिगड़ गयी होगी।’’
उन्होंने लिखा, ‘‘ जब मीडिया सरकार के सुर में सुर मिलाते हुए कहता है कि सवाल उठाना राष्ट्रविरोधी है तो यही होता है।’’
जब ट्विटर पर एक उपयोगकर्ता ने यह कहा कि गलवान घाटी में कोई गोलीबारी नहीं हुई तब उमर अब्दुला ने कहा,‘‘ यानी कि पीट-पीटकर उनकी हत्या कर दी गयी! तब तो और भयावह है!’’
सेना ने कहा है कि सोमवार को पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में चीन सैनिकों के साथ हिंसक झड़प में एक अधिकारी और दो सैनिक शहीद हो गये।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार वैसे दोनों पक्षों के बीच कोई गोलीबारी नहीं हुई।
सेना का कहना है कि चीनी सैनिक भी हताहत हुए हैं लेकिन चीजें स्पष्ट नहीं हुई है।
पूर्वी लद्दाख में गलवान घाटी और कुछ अन्य क्षेत्रों में बड़ी संख्या में चीनी सैनिक और भारतीय सैनिक आमने-सामने हैं।
यह घटना ऐसे वक्त हुई है जब कुछ ही दिन पहले सेना प्रमुख जनरल एम एम नरवणे ने कहा था कि दोनों पक्ष गलवान घाटी में पीछे हटने लगे हैं।
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