नयी दिल्ली, छह अगस्त द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के सांसद ए. राजा ने अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के अंदर उप-वर्गीकरण की राज्यों को अनुमति देने संबंधी उच्चतम न्यायालय के फैसले का हवाला देते हुए मंगलवार को लोकसभा में कहा कि सरकार को इसकी समीक्षा करनी चाहिए और आरक्षण बचाने के लिए उचित कदम उठाना चाहिए।
उन्होंने सदन में शून्यकाल के दौरान यह विषय उठाया।
राजा ने कहा कि दलित समुदाय में यह चिंता है कि उच्चतम न्यायालय की टिप्पणियों से उनका आरक्षण प्रभावित हो सकता है।
उन्होंने कहा, ‘‘सरकार से आग्रह है कि फैसले की समीक्षा करिये तथा सुरक्षा उपाय करिये ताकि आरक्षण की रक्षा की जा सके।’’
उच्चतम न्यायालय ने बहुमत से दिए एक फैसले में बृहस्पतिवार को कहा था कि राज्यों के पास अधिक वंचित जातियों के उत्थान के लिए अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजातियों के लिए निर्धारित आरक्षण में उप-वर्गीकरण करने का अधिकार है।
प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली सात सदस्यीय संविधान पीठ ने 6:1 के बहुमत से व्यवस्था दी कि राज्यों को अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) में उप-वर्गीकरण करने की अनुमति दी जा सकती है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इन समूहों के भीतर और अधिक पिछड़ी जातियों को आरक्षण दिया जाए।
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