नयी दिल्ली, 15 अक्टूबर केन्द्र सरकार की ओर से जीएसटी क्षतिपूर्ति के लिये राज्यों की तरफ से बाजार से 1.1 लाख करोड़ रुपये जुटाने की घोषणा के साथ ही सरकार ने बृहस्पतिवार को अतिरिक्त राशि को शामिल करते हुये दूसरी छमाही के दौरान उधार जुटाने का नया कार्यक्रम को जारी किया है।
एक सरकारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि राज्यों की जीएसटी क्षतिपूति के जिये 1.10 लाख करोड़ रुपये की विशेष खिड़की सुविधा शुरू किये जाने के बाद रिजर्व बैंक के साथ विचार विमर्श कर भारत सरकार के उधारी कैलेंडर में जरूरी सुधार किया जा रहा है।
इसमें कहा गया है कि वित्त वर्ष 2020- 21 की शेष अवधि (19 2020 अक्ट्रबर से 31 मार्च 2021) के लिये भारत सरकार कुल मिलाकर 4,88,000 करोड़ रुपये का उधार जुटायेगी। जीएसटी क्षतिपूर्ति के लिये तीन और पांच साल की अवधि के तहत 55,000 करोड़ रुपये की दर से अतिरिक्त राशि जुटाई जायेगी।
वित्त मंत्रालय ने पिछले महीने कहा था कि कोविड- 19 संकट के दौरान होने वाले खर्च की पूर्ति के लिये सरकार वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में 4.34 लाख करोड़ रुपये का कर्ज उठायेगी। इस अतिरिक्त राशि के साथ दूसरी छमाही में कुल उधार बढ़कर 5.44 लाख करोड़ रुपये हो जायेगा।
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पहले की योजना के मुताबिक 27,000 से 28,000 करोड़ रुपये की 16 साप्ताहिक नीलामी कार्यक्रम चलाये जायेंगे और इनकी अवधि पहली छमाही के अनुरूप ही 2,5,10,14,30 और 40 साल होगी। अब नये साप्ताहिक नीलामी कार्यक्रम में यह 17,000 करोड़ से 31,000 करोड़ रुपये के दायरे में होंगे और जिसमें तीन से पांच साल के सरकारी पत्र भी शामिल होंगे।
बहरहाल 5.44 लाख करोड़ रुपये की राशि 22 सप्ताह में पूरी होगी। इसमें से 56,000 करोड़ रुपये सरकार जुटा चुकी है जबकि शेष 4.88 लाख करोड़ रुपये बाकी बचे 20 सप्ताह में जुटाये जायेंगे।
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