नयी दिल्ली, 11 अगस्त आंध्र प्रदेश सरकार ने रेलवे से राज्य में बंदरगाहों तक अपने समर्पित माल ढुलाई गलियारे का विस्तार करने का अनुरोध किया है ताकि लाखों टन माल को ‘‘प्रदूषण-मुक्त’’ और ‘‘प्रभावी लागत’’ तरीके से पहुंचाया जा सके।
आंध्र प्रदेश समुद्री बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) एन पी रामकृष्ण रेड्डी ने माल परिवहन के लिए माल ढुलाई गलियारे को महत्वपूर्ण बताते हुए राज्य की आगामी बंदरगाह विकास परियोजनाओं में समर्थन किये जाने का अनुरोध करते हुए समर्पित फ्रेट कॉरिडोर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (डीएफसीसीआईएल) को पत्र लिखा है।
उन्होंने कहा कि डीएफसी संपर्क बंदरगाहों के समग्र विकास के लिए एक मुख्य स्रोत के रूप में काम करेगा और लागत प्रभावी होने के अलावा माल के प्रभावी और प्रदूषण मुक्त परिवहन को सुनिश्चित करेगा।
उन्होंने 10 अगस्त की तिथि में लिखे पत्र में कहा, ‘‘इस उद्देश्य के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) किया जा सकता है ताकि बेहतर समन्वित प्रयासों को सुनिश्चित किया जा सके।’’
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डीएफसीसीआईएल इस समय दो गलियारों- पश्चिमी गलियारे और पूर्वी गलियारे पर काम कर रहा है। चार अन्य गलियारे प्रस्तावित हैं।
उन क्षेत्रों के बारे में बात करते हुए जो प्रस्तावित डीएफसी आंध्र प्रदेश में स्पर्श करेंगे, एक अधिकारी ने कहा कि अब तक, यह विजयवाड़ा तक योजनाबद्ध है।
उन्होंने कहा, ‘‘वहां से, मालगाड़ियां भारतीय रेलवे के फीडर मार्गों पर चलेंगी, जिसका अर्थ है कि यह एक समर्पित माल ढुलाई गलियारा नहीं होगा, जिसमें यात्री और मेल एक्सप्रेस दोनों चलेंगे। एक बार एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए जाने के बाद, गलियारा राज्य में विशेष रूप से विभिन्न बंदरगाहों को जोड़ सकता है।’’
रेड्डी ने कहा कि मौजूदा बंदरगाहों में रेल संपर्क हैं, लेकिन एक डीएफसी संपर्क बंदरगाहों के समग्र विकास को गति देगी।
उन्होंने पत्र में कहा, ‘‘इसलिए मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि कृपया उस बंदरगाह का समर्थन करें जिसका विकास आंध्र प्रदेश राज्य में समर्पित माल रेल संपर्क सुनिश्चित करने के लिए किया जा रहा है।’’
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