जरुरी जानकारी | पधुओं की खाल, चमड़े पर निर्यात शुल्क घटा सकती है सरकार

नयी दिल्ली, सात जून सरकार पशुओं की खाल और चमड़े पर निर्यात शुल्क घटाने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है। अभी यह 40 प्रतिशत है। सूत्रों ने कहा कि इसके निर्यात को प्रोत्साहन के लिए यह कदम उठाया जा सकता है।

अखिल भारतीय मांस एवं पशुधन निर्यातक संघ (एआईएमएलईए) निर्यात शुल्क को पूरी तरह समाप्त करने की मांग कर रहा है। संघ का कहना है कि उद्योग को वैश्विक बाजारों से काफी पूछताछ मिल रही है। ऐसे में निर्यात शुल्क को समाप्त किए जाने की जरूरत है।

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सूत्रों ने बताया कि इस बारे में प्रस्ताव का पशुपाल एवं डेयरी विभाग ने भी समर्थन किया है। विभाग का कहना है कि इससे इस कारोबार से जुड़े किसानों को लाभ होगा।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय पहले इस प्रस्ताव पर विचार करेगा। उसके बाद इसे वित्त मंत्रालय को भेजा जाएगा।

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हालांकि, घरेलू चमड़ा उत्पाद विनिर्माता इस प्रस्ताव का कड़ा विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि कच्चे माल का निर्यात देश से बाहर नहीं किया जाना चाहिए। एक चमड़ा उत्पाद विनिर्माता ने कहा, ‘‘इसे घरेलू विनिर्माताओं को उपलब्ध कराया जाना चाहिए, जिससे मूल्यवर्धित उत्पादों का निर्यात किया जा सके।’’

एक अन्य सूत्र ने कहा कि इस प्रस्ताव पर कुछ विभाग भी विरोध करेंगे क्योंकि सरकार विनिर्माण और मूल्यवर्धित उत्पादों के निर्यात को प्रोत्साहन देना चाहती है, कच्चे माल के निर्यात को नहीं।

एआईएमएलईए के महासचिव फौजन अलावी ने कहा कि वैश्विक बाजार पशु खाल और चमड़े की काफी मांग है। निर्यात शुल्क में कटौती से इस उद्योग को प्रोत्साहन मिलेगा।

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