ताजा खबरें | सरकार का इरादा पर्यावरण (संरक्षण) कानून में संशोधन का : चौबे

नयी दिल्ली, 22 दिसंबर सरकार ने बृहस्पतिवार को राज्यसभा में कहा कि वह पर्यावरण संबंधी कुछ गतिविधियों को ‘‘अपराध की श्रेणी’’ से हटाने के लिए पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 में संशोधन लाना चाहती है।

पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री अश्विनी चौबे ने राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान पूरक सवालों के जवाब में यह जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि इस संबंध में लोगों एवं राज्य सरकारों से राय मांगी गई थी। उन्होंने कहा कि इसके लिए राष्ट्रीय स्तर पर 61 समाचार पत्रों में प्रकाशित सार्वजनिक सूचना के जरिए लोगों से टिप्पणियां मांगी गई थीं।

चौबे ने बताया कि इस संबंध में 73 टिप्पणियां व सुझाव मिले जिनका अध्ययन किया गया और जिसे उचित समझा गया, उसे अंतिम विधेयक में शामिल किया गया।

उन्होंने कहा कि पर्यावरण (संरक्षण) कानून, 1986 में उल्लिखित कुछ प्रावधानों को भारी जुर्माने के साथ अपराध की श्रेणी से हटाने का है ताकि कानून का पालन करने वाले नागरिकों एवं उद्यमियों को स्व-विनियमन के लिए प्रोत्साहित किया जा सके। वहीं उल्लंघन करने वालों के लिए निवारक उपाय के तौर पर भारी जुर्माना लगाकर और भारतीय दंड संहिता के प्रावधानों को लागू कर कार्रवाई की जा सके।

मंत्रालय के अनुसार प्रस्तावित संशोधन का मकसद छोटे-मोटे गैर-अनुपालन के मामलों में ऐसे नागरिकों व उद्यमियों को अनुचित परेशानी से बचाना भी है जो कानून का पालन करने वाले हैं।

उन्होंने कहा कि विभिन्न अपराधों के मामले में जुर्माना बढ़ाए जाने का प्रस्ताव है और विशेष आवश्यकता पड़ने पर आपराधिक मुकदमा भी दर्ज किया जा सकेगा।

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